
निठारी कांड: सुरेंद्र कोली को 14वीं बार सुनाई गई फांसी की सजा, गाजियाबाद की CBI कोर्ट का बड़ा फैसला
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नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में युवती का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में सुरेंद्र कोली को विशेष सीबीआई कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है.
Nithari case: नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड में युवती का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले अभियुक्त सुरेंद्र कोली को विशेष सीबीआई कोर्ट (CBI Court) ने के लंबी सुनवाई के बाद दोषी करार दिया, जबकि मोनिंदर सिंह पंधेर को इमोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा में दोषी करार दिया. बता दें कि सुरेंद्र कोली को पहले 13 मामलों में फांसी की सजा हो चुकी है. आज भी उसे सीबीआई कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है.
मोनिंदर सिंह पंधेर के अधिवक्ता देवराज सिंह ने बताया कि निठारी कांड के 16वें मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार त्रिपाठी की कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को अपहरण, दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार दिया. मोनिंदर सिंह पंधेर को इमोरल ट्रैफिक एक्ट की धारा 3/5 में दोषी करार दिया. अब तक निठारी मामले में सुरेंद्र कोली को 14 मामलों में फांसी की सजा हो चुकी है.
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बता दें कि 7 मई 2006 को निठारी की एक युवती को पंधेर ने नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था. इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी. युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर 20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था. इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे. पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था, बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए थे. युवती के अपहरण, दुष्कर्म व हत्या के मामले में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
निठारी कांड में सीबीआई ने कुल 16 मामले दर्ज किए थे. सभी मामलों में आरोप पत्र पूर्व में ही पेश किए जा चुके हैं. 13 मामलों में पूर्व में सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा हो चुकी है. निठारी कांड के दो मामलों में कोर्ट कोली को साक्ष्य के अभाव में बरी कर चुकी है. मोनिंदर सिंह पंधेर के खिलाफ सीबीआई ने 6 मामले दर्ज किए थे, जिनमें से दो मामलों में पधेर को कोर्ट ने बरी कर दिया था. तीन मामलों में कोर्ट ने पंधेर को फांसी की सजा सुनाई थी.
वहीं एक मामले में पंधेर को हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद बरी कर दिया था. दो मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं. गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट ने मोनिंदर सिंह पंधेर इमोरल एक्ट की थारा 3 में 2 वर्ष की सजा और धारा 5 के तहत 7 वर्ष की सजा सुनाई है. सुरेन्द्र कोली को सीबीआई कोर्ट ने धारा 376 में उम्रकैद की सजा और 364 में उम्रकैद, 302 में मृत्यु दंड, धारा 201 में 7 साल की सजा सुनाई है.

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