
नाम फकीरचंद और काम दान करना... अब तक 35 लाख रुपए किए डोनेट, कराई कई लड़कियों की शादी
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हर रोज जो कमाता हूं उसे बैंक में जमा करा देता हूं. जब ज्यादा पैसे जुड़ जाते हैं तो उन्हें इकट्ठा करके किसी भी सामाजिक संस्था को दान कर देता हूं. मैं अकेला ही हूं. भाई-बहनों की मौत हो चुकी है. शादी नहीं की है.
''नाम फकीरचंद... काम कबाड़ बीनना.. हर रोज की कमाई 600 से 700 रुपये, लेकिन 90 फीसदी कमाई को फकीरचंद दान कर देते हैं. अब तक 35 लाख रुपये का दान कर चुके हैं. खुद शादी नहीं की लेकिन कई लड़कियों की शादी करा चुके हैं जो गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थीं. फकीरचंद के चर्चे अब हर जगह हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि उनका नाम जरूर फकीरचंद हैं, लेकिन वह दिल से अमीर हैं. ''
दरअसल, कैथल के फकीरचंद अपनी कमाई का 90 प्रतिशत हिस्सा दान में दे देते हैं. शहर के अर्जुन नगर खनौरी रोड बाईपास गली नंबर-1 में रहने वाले फकीरचंद की उम्र 53 साल है. अकेले जीवन बिताने वाले फकीरचंद के घर की बात की जाए तो 200 गज की जमीन पर बने घर में केवल एक कमरा बना हुआ है.
फकीरचंद कीपैड वाला फोन चलाते हैं. कमरे में लोहे का गेट लगा हुआ है. कमरे में कबाड़ रखा रहता है. एक सीलिंग फैन लगा है, पुराना संदूक है, कुछ बर्तन हैं, दीवारों पर कई सारे देवी-देवताओं की तस्वीरें मौजूद हैं.
फकीरचंद कहते हैं कि वे 5 भाई-बहन थे. 4 का देहांत हो चुका है और हम में से किसी की भी शादी नहीं हुई. वह घर में अकेले ही रहते हैं. फकीरचंद कहते हैं कि मरने से पहले इस मकान को भी दान करके जाऊंगा.
मैं चाहता तो आराम से जिंदगी काट सकता था- फकीरचंद
फकीरचंद कहते हैं कि भाई-बहनों के गुजर जाने के बाद पारिवारिक जायदाद मुझे ही मिली. मैं चाहता तो जिंदगी भर आराम से बैठकर खा सकता था. सारी सुख-सुविधाओं का आनंद ले सकता था, लेकिन मेरा विश्वास मेहनत करके कमाने-खाने पर है. जब तक मेहनत करता रहूंगा, शरीर भी ठीक रहेगा और शायद इस जन्म में किए गए पुण्य का फल मुझे अगले जन्म में मिले.

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