
नाजी सैनिक Yaroslav Hunka कैसे बन गया इजरायल और कनाडा में दरार की वजह? जानिए
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भारत और कनाडा आज जिस तल्खी भरे मोड़ पर आमने सामने खड़े हैं, उसके लिए सफर बहुत पहले शुरू हो गया था. 80 के दशक में खालिस्तानी आतंकियों की कनाडा में बढ़ती गतिविधि से आगाह करते हुए भारत ने कुछ आतंकियों को भारत को सौंपने की बात कही थी. इन आतंकियों में तलविंदर सिंह परमार भी शामिल था. अब कनाडा के रिश्ते इजरायल और कनाडा से भी खराब हो रहे हैं. देखें वीडियो.

गृह मंत्रालय ने सीनियर सिटीजन के लिए एडवाइजरी जारी की है. I4C ने बताया कि साल 2024 के मुकाबले 2025 में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पिछले साल ठगी के 7130 करोड़ रुपये बचाए हैं. I4C ने ये भी बताया कि अब साइबर ठग बुजुर्गों को अपना शिकार बना रहे हैं.

कश्मीर क्षेत्र में इस समय बहुत तेज सर्दी पड़ रही है. हाल के दिनों में हुई बर्फबारी के कारण तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है. लद्दाख के द्रास इलाके में तापमान इस समय माइनस 18 डिग्री तक पहुंच गया है जो इसे दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में से एक बनाता है. इतनी ठंड के कारण द्रास में बहने वाला दरिया पूरी तरह से जम गया है. देखें ग्राउंड रिपोर्ट.

युवक की मानसिक स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और डॉक्टरों ने उसे बचाया. कुमार सानू ने खुद मनोचिकित्सक से संपर्क कर फैन की मदद की पेशकश की. विशेषज्ञों ने फैनडम में डिल्यूजन के खतरों पर चेतावनी दी और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई. ये घटना मानसिक स्वास्थ्य और फैनडम के बीच संवेदनशील संबंध को उजागर करती है.

बिहार के जमुई में अपराधियों की हिम्मत इतनी बढ़ गई है कि 50 लाख की लूट के बाद उन्होंने दिनदहाड़े एक बुजुर्ग बाइक सवार की हत्या कर दी. यह वारदात जमुई-सिकंदरा रोड पर हुई जहां कोर्ट से घर लौट रहे वृद्ध पर गोलियां चलाई गईं. पुलिस ने घटनास्थल से कोर्ट केस की फाइलें और खाली मैगजीन बरामद की हैं. पुलिस अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है. इस घटना ने इलाके में खलबली मचा दी है और लोगों में डर का माहौल बन गया है.

श्रममंत्री मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद ऑनलाइन डिलिवरी कंपनियों ने 10 मिनट में डिलिवरी करने की समय सीमा हटाने का फैसला किया है. इसका उद्देश्य डिलिवरी बॉयज और गिग वर्कर्स पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है. कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वे इस टैगलाइन को अपने विज्ञापनों से हटा देंगी. लंबे समय तक चली मांग के बाद ये कदम डिलिवरी बॉयज की सुरक्षा और उनके आर्थिक नुकसान को रोकने के लिए उठाया गया है.








