नागपुर: अब गिरफ्तारी देने पर अड़े हाइवे पर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों किसान, बच्चू कडू बोले- मरने को भी तैयार
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बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नागपुर वर्धा रोड पर हजारों किसान धरने पर बैठे हैं. बच्चू कडू ने गिरफ्तारी देने और मरने तक की बात कही है. आंदोलन से NH-44 पर बड़ा जाम लगा हुआ है.
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने बुधवार को प्रहर जनशक्ति पार्टी के नेता बच्चू (ओमप्रकाश) कडू और उनके समर्थकों को शहर के बाहरी हिस्से की वर्धा रोड (NH-44) खाली करने का निर्देश दिया. फिर भी हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कडू के नेतृत्व में हजारों किसान हाइवे पर जमे रहे और अब वे पैदल मार्च करके खुद गिरफ्तारी देने निकल पड़े हैं.
हाईकोर्ट ने अखबारों में छपी रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि आंदोलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर करीब 20 किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम लगा हुआ है, जिससे एम्बुलेंस और पुलिस वाहन भी नहीं चल पा रहे.
न्यायमूर्ति रजनीश व्यास ने कहा कि यह हाईवे नागपुर एयरपोर्ट और नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट से जुड़ता है और सड़क पर जाम होना नागरिकों के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है. सरकार की ओर से सुनवाई में वकील देवेन्द्र चौहान उपस्थित रहे. अगली सुनवाई 6 नवंबर को रखी गई है.
कब से हो रहा आंदोलन?
कडू की अगुवाई में चल रहे इस ‘महाअल्गार मोर्चा’ की शुरुआत सोमवार को अमरावती जिले के चांदूरबाजार से हुई थी. हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने हाइवे खाली करने से मना कर दिया और कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए जेल भरो आंदोलन तक करने को तैयार हैं. बता दें कि पुलिस ने इलाके में कड़ा बंदोबस्त किया हुआ है.
गिरफ्तारी देने पर अड़े किसान

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