
ननकाना साहिब में गुरु नानक जयंती पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भारत से पहुंचे 2,550 सिख
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प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी की जयंती का मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार को ननकाना साहिब स्थित गुरुद्वारा जनमस्थान में आयोजित किया जाएगा, जो लाहौर से लगभग 80 किमी दूर है. इसमें स्थानीय लोग, विदेशी श्रद्धालु, और संघीय एवं प्रांतीय मंत्री भी शामिल होंगे. मोहयुद्दीन ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, परिवहन, और चिकित्सा सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है.
गुरु नानक देव जी की 555वीं जयंती के उत्सव में शामिल होने के लिए 2,550 से अधिक भारतीय सिख श्रद्धालु गुरुवार को पाकिस्तान पहुंचे. वाघा बॉर्डर पर इन श्रद्धालुओं का स्वागत पाकिस्तान के एवाक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के सचिव फरीद इकबाल, अतिरिक्त सचिव सैफुल्ला खोखर, और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने किया. अरोड़ा, जो पंजाब में मरियम नवाज़ की कैबिनेट में अल्पसंख्यक मंत्री भी हैं, ने श्रद्धालुओं को स्वागत किया.
खोखर ने बताया कि भारी धुंध से सुरक्षा के लिए सभी श्रद्धालुओं को मास्क दिए जाएंगे और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. ईटीपीबी के प्रवक्ता गुलाम मोहयुद्दीन के अनुसार, "कुल 2,559 भारतीय सिख गुरुवार को विशेष ट्रेनों के जरिए लाहौर पहुंचे, जहां से उन्हें विशेष बसों द्वारा ननकाना साहिब ले जाया गया."
प्रथम गुरु गुरु नानक देव जी की जयंती का मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार को ननकाना साहिब स्थित गुरुद्वारा जनमस्थान में आयोजित किया जाएगा, जो लाहौर से लगभग 80 किमी दूर है. इसमें स्थानीय लोग, विदेशी श्रद्धालु, और संघीय एवं प्रांतीय मंत्री भी शामिल होंगे. मोहयुद्दीन ने बताया कि श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, परिवहन, और चिकित्सा सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है. इस आयोजन के लिए पाकिस्तान ने भारतीय सिखों को कुल 3,000 वीजा जारी किए हैं.
वाघा बॉर्डर पर दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के नेता हरजीत सिंह पप्पा ने पाकिस्तान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "यहाँ आकर हमें बहुत खुशी हो रही है." शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के नेता गुरनाम सिंह जस्सल ने कहा, "हमें यहाँ जो प्रेम और सम्मान मिला है, उसके लिए हम आभारी हैं."
पीएसजीपीसी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा श्रद्धालुओं का किया गया स्वागत उनके प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाता है. "भारतीय सिख श्रद्धालु यहाँ से अपने साथ प्यारी यादें लेकर लौटेंगे," उन्होंने कहा.
अपने दस दिवसीय प्रवास के दौरान भारतीय सिख श्रद्धालु कई पवित्र स्थलों जैसे फरूकाबाद में गुरुद्वारा सच्चा सौदा, हसन अब्दाल में गुरुद्वारा पंजा साहिब, नारोवाल में करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब, गुंजरांवाला के माध्यम से इमिनाबाद में गुरुद्वारा रोहरी साहिब और लाहौर में गुरुद्वारा डेरा साहिब का दौरा करेंगे. श्रद्धालु 23 नवंबर को वाघा बॉर्डर के माध्यम से भारत लौटेंगे.

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