
धीरे-धीरे खत्म हो रहा है Titanic का मलबा, कुछ समय में हो जाएगा विलुप्त
Zee News
वर्ष 1985 में समुद्र में टाइटैनिक के मलबे की खोज के बाद से अब तक जहाज का 100 फुट लंबा मस्तूल ढह चुका है. जहाज का वह निगरानी कक्ष, जहां से हिमखंड होने के बारे में चिल्लाकर जानकारी दी गयी थी. वह कक्ष भी लुप्त हो चुका है.
वाशिंगटन: वर्ष 1912 में उत्तर अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकराने के बाद डूब चुके प्रसिद्ध यात्री जहाज आरएमएस टाइटैनिक का मलबा भी अब धीरे-धीरे लुप्त हो रहा है. जहाज में धातु की बनी चीजें भी धीरे-धीरे गल रही हैं. निगरानी के लिए जहाज में बना एक विशेष कक्ष पहले ही खत्म हो चुका है और अब जहाज की धनुष आकार की रेलिंग कभी भी गिर सकती है. ओशियन गेट एक्सपीडीशंस कंपनी की ओर से शुरू किए गए एक खोजी अभियान में यह जानकारी सामने आई है.. ओशियन गेट एक्सपीडीशंस के अध्यक्ष स्टॉकटॉन रश ने कहा, 'महासागर में जहाज का मलबा धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. इससे पहले कि यह पूरी तरह से लुप्त हो जाए और इसकी पहचान नहीं हो सके. हमें इसका दस्तावेजीकरण करना चाहिए.' 109 साल पुराने समुद्री जहाज के मलबे को गहरे समुद्र की धाराओं और जीवाणुओं से खासा नुकसान हो रहा है. ये जीवाणु एक दिन में सैकड़ों पाउंड लोहे को चट कर सकते हैं. कुछ लोगों का कहना है कि आने वाले कुछ दशकों में टाइटैनिक का मलबा पूरी तरह से खत्म हो सकता है, क्योंकि मलबे के अधिकतर हिस्सों में बड़े-बड़े गढ्ढे हो गए हैं और जहाज के कई हिस्से अलग होकर बिखरने लगे हैं.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



