
धर्म परिवर्तन का दबाव, प्रताड़ना और खुदकुशी... केरल में ऐसे हुआ इश्क का खौफनाक अंजाम
AajTak
Religion Conversion in Kerala: केरल के एर्नाकुलम जिले में एक 23 वर्षीय छात्रा ने धर्म परिवर्तन के दबाव और लगातार प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान सोना एल्डोज के रूप में हुई है, जो कोठामंगलम में अपने परिवार के साथ रहती थी. वो टीचर ट्रेनिंग कर रही थी.
केरल के एर्नाकुलम जिले में एक 23 वर्षीय छात्रा ने धर्म परिवर्तन के दबाव और लगातार प्रताड़ना से आहत होकर आत्महत्या कर ली. मृतका की पहचान सोना एल्डोज के रूप में हुई है, जो कोठामंगलम में अपने परिवार के साथ रहती थी. वो टीचर ट्रेनिंग कर रही थी. पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर उसके बॉयफ्रेंड रमीज और उसके परिवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है.
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शनिवार को सोना अपने घर के एक कमरे में फांसी के फंदे से लटकी मिली. पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इसके बाद शुरुआती जांच में इसे अप्राकृतिक मौत का मामला माना गया, लेकिन घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ तब आया जब पुलिस को पीड़िता का सुसाइड नोट मिला. इसमें सोना ने अपने बॉयफ्रेंड और उसके परिवार पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं.
सुसाइड नोट में सोना ने लिखा है कि उसका बॉयफ्रेंड रमीज शुरू में उसे प्यार के जाल में फंसाकर शादी का भरोसा देता रहा, लेकिन बाद में उसने शादी के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया. आरोप है कि इस दबाव में रमीज का परिवार भी उसके साथ था. इनकार करने पर सोना को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. पीड़िता की मां बिंदु ने बताया कि उनकी बेटी रमीज से सच्चा प्यार करती थी.
शादी के लिए धर्म बदलने का बनाया था दबाव
रमीज ने खुद सोना के घर जाकर शादी का प्रस्ताव दिया था, जिसे पीड़िता के परिवार ने स्वीकार कर लिया था. लेकिन कुछ समय बाद रमीज ने स्पष्ट रूप से कहा कि शादी तभी होगी जब सोना धर्म परिवर्तन करेगी. इसी दौरान रमीज का नाम एक तस्करी मामले में सामने आया, जिसके बाद सोना और उसके परिवार ने शादी से इंकार कर दिया. इससे नाराज होकर रमीज ने कथित तौर पर सोना को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
रमीज की प्रताड़ना से दुखी पीड़िता ने दे दी जान

जंग के 26 दिन हो गए हैं. महायुद्ध अजीब मोड़ पर है. एक तरफ युद्ध विराम के काउंटडाउन की कयासबाजी है. तो दूसरी तरफ युद्ध की विभीषिका है. युद्ध का आगाज कर दुनिया को तबाही की आग में झोंकने वाला अमेरिका अब शांति की माला का जाप कर रहा है. लेकिन ये नहीं बता रहा है कि आखिर अमेरिका की ईरान में बातचीत किससे हो रही है.

आज जंग को 26 दिन बीत चुके हैं. ईरान हार मानने को तैयार नहीं है. ट्रंप अपनी जीत का ऐलान करते जा रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति अब ये दावा कर रहे हैं कि ईरान बातचीत को तैयार है. होर्मुज को लेकर ईरान से गिफ्ट मिलने का दावा भी ट्रंप ने कर दिया है. अमेरिका एक बार फिर भूमिगत परमाणु हथियारों के परीक्षण पर विचार कर रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी संस्थानों और स्कूलों में प्रतिदिन 'वंदे मातरम' गायन अनिवार्य करने के सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने याचिका को 'प्री-मैच्योर' करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की यह गाइडलाइन केवल एक सलाह है और इसके उल्लंघन पर किसी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान नहीं है.










