
दो साल में AI खा जाएगा ज़्यादातर भारतीय डेवलपर्स की जॉब, Stability AI CEO का दावा
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Stability AI के CEO Emad Mostaque ने बाताया है कि भारत में आने वाले 2 साल के अंदर ज्यादातर प्रोग्रामर्स और कोडर्स को अपनी नौकरी गंवानी पड़ सकती है. इससे पहले भी AI द्वारा कई लोगों की नौकरी जाने की आशंका जताई जा चुकी है. दरअसल, कई रिपोर्ट्स में दावा किया आने वाले समय में काफी कम प्रोग्रामर्स की जरूरत होगी.
भारत समेत पूरी दुनिया में AI के खतरे को लेकर भी चर्चा गर्म है. कई लोगों का मानना है कि इससे कई सेक्टर की नौकरियां खत्म हो सकती हैं. अब इस बात की आशंका खुद Stability AI के CEO Emad Mostaque ने जताई है. उन्होंने कहा है कि आने वाले एक दो साल के दौरान भारत के कई कोडर्स और प्रोग्रामर्स को नौकरी गंवानी पड़ सकती है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में कोडिंग के कुछ काम को भविष्य में AI भी पूरा कर सकेगा.
Stability AI के बॉस ने यह बात UBS analysts के दौरान कही. उन्होंने बताया कि भारत में अधिकतर लोग कोडर्स को आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी पर रखते हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में कोडिंग के लिए बहुत ही कम लोगों की जरूरत होगी, ज्यादातर काम को AI के माध्यम से कराया जा सकेगा.
उन्होंने कहा कि AI के इफेक्ट्स अलग-अलग सेक्टर में अलग-अलग तरीके से देखने को मिलेंगे. भविष्य में AI उन लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है, जो कंप्यूटर, लैपटॉप आदि पर काम करते हैं.
Stability AI के बॉस ने आगे यह भी जोड़ा है कि AI सभी सेक्टर को जल्द ही प्रभावित नहीं कर पाएगा. न ही वह सभी सेक्टर को एक ही तरह से प्रभावित करेगा. हालांकि आने वाले समय में यह कई काम को ऑटोमेशन पर लाने में मदद कर सकता है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 50 लाख से ज्यादा प्रोग्रामर्स रहते हैं, जिनको AI के कारण काफी प्रभावित हो सकते हैं. एडवांस AI टूल्स की कैटेगरी में ChatGPT, DALL-E 2, Lucia AI, WriteSonic जैसे कई नाम शामिल हैं. हालांकि ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है, जो ये मानते हैं कि AI से फायदा होगा.

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