
दोस्त से तोहफे में मिली ऐसी चीज, खाते ही शख्स की हुई मौत
AajTak
मृतक के दोस्त में उसे जो खाने की चीज तोहफे में दी थी उसमें 30 लोगों की जान लेने जितना जहर होता है इसलिए इसे खाने के लिए खास तरीके से इसे साफ किया जान जरूरी होता है. इसे ठीक से साफ न करने के चलते ही शख्स की मौत हो गई.
कई बार लोग एक दूसरे को तोहफे में कुछ अनोखी चीज दे देते हैं लेकिन उसके साथ जरूरी सावधानी के बारे में बताना भूल जाते हैं. हाल में एक ब्राजीलियाई शख्स के दोस्त ने भी उसे एक तोहफा दिया और यही तोहफा उसकी जान का दुश्मन बन गया. मैग्नो सर्जियो गोम्स नाम के इस व्यक्ति की तोहफे में मिली जहरीली पफ़रफ़िश खाने से मौत हो गई.
इस मछली में अकेले 30 लोगों की जान लेने जितना जहर होता है इसलिए इसे खाने के लिए खास तरीके से इसे साफ किया जान जरूरी होता है. न्यूजफ्लैश की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की बहन मायरियन गोम्स लोप्स ने बताया कि मैग्नो ने पहले कभी पफरफिश को साफ नहीं किया था. न ही उसे पता था कि इस खास मछली को पकाने से पहले खास तरीके से और सावधानी से साफ करना बहुत जरूरी है. कथित तौर पर एक अज्ञात ने दोस्त मैग्नो को तोहफे में ये मछली दी थी.
मायरियन ने बताया कि इस प्रजाति को पहले कभी नहीं पकाने के बावजूद, मैग्नो ने मछली को पकाकर खा लिया. उन्होंने सिर्फ उसका कलेजा निकाल दिया और फिर उसे उबालकर नींबू के रस के साथ खा लिया. एक घंटे से भी कम समय के में मैग्नो गंभीर रूप से बीमार पड़ गए. मैग्नो को अपना मुंह सुन्न होने लगा. घबराकर, वह खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल पहुंचा, यहां 8 मिनट के अंदर उसे कार्डियक अरेस्ट हो गया और उसकी मौत हो गई.
यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने बताया कि मैग्नो विशेष रूप से टेट्रोडोटॉक्सिन के प्रभाव में था, जो एक अत्यंत शक्तिशाली जहर है जो पफरफिश और अन्य समुद्री प्रजातियों में होता है. शिकारियों को रोकने के लिए ब्लोफिश द्वारा उपयोग किया जाने वाला यह जहर साइनाइड की तुलना में 1,000 गुना अधिक घातक है. बता दें कि कथित तौर पर ब्राज़ील पफ़रफ़िश की 20 प्रजातियों का घर है - जिन्हें ब्लोफ़िश भी कहा जाता है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










