
दुनिया भर में पसंद किये जाते हैं कानी शॉल, PM Modi भी पहनते हैं लेकिन खत्म हो रही है ये कला
AajTak
ईरान से आयी कानी शॉल बनाने की कला कश्मीर में कुछ कारीगरों में अब भी जिन्दा है लेकिन ये लगातार खत्म हो रही है. एक कारीगर ने आजतक को बताया कि ये खास शॉल बनाने में डेढ़ से दो साल का वक्त भी लग जाता है और इसे रंग बिरंगे धागों से बनाया जाता है. लेकिन इस कला को पुनर्जीवित करने की जरूरत है. इन शॉल को आने पीएम मोदी के कन्धों पर भी देखा होगा, सोनिया गांधी भी इसे पहनती हैं. देश में कई बड़े बड़े लोग इन शालों का इस्तेमाल करते हैं. ये शॉल दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं और पसंद किये जाते हैं. खत्म होती इस कला को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के हैंडीक्राफ्ट्स डिपार्टमेंट ने इस कला को दोबारा से ज़िंदा करने के लिए कई तरह के ठोस उपाय शुरू किये हैं. देखें अशरफ वानी की ये रिपोर्ट.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.










