
दुनिया के सबसे बुजुर्ग आदमी जॉन टिनिसवुड का निधन, 112 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
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जॉन टिनिसवुड के परिवार में उनकी बेटी सुजैन, चार पोते-पोतियां और तीन परपोते-पोतियां हैं. जीडब्ल्यूआर के अनुसार, अब तक के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जापान के जिरोमोन किमुरा थे. उनका जन्म 1897 में हुआ था और 2013 में 116 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था.
विश्व के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जॉन टिनिसवुड का 112 वर्ष की आयु में निधन हो गया. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (GWR) की ओर से मंगलवार को बयान जारी कर बताया गया कि जॉन टिनिसवुड की 25 नवंबर, 2024 को इंग्लैंड के साउथपोर्ट में एक ओल्ड एज केयर होम में निधन हो गया. उनके परिवार ने जीडब्ल्यूआर को बताया कि अपने निधन से पहले तक वह म्युजिक और डांस का लुत्फ उठा रहे थे.
26 अगस्त, 1912 को जन्मे, टिनिसवुड ने वेनेजुएला के 114 वर्षीय जुआन विसेंट पेरेज की मृत्यु के बाद, अप्रैल 2024 से दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित व्यक्ति का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, टिनिसवुड के पास इस बारे में कोई विशेष स्पष्टीकरण नहीं था कि वह इतने लंबे समय तक जीवित रहने में कैसे कामयाब रहे, वह इसे 'ईश्वर की कृपा' बताते थे.
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उन्होंने इस साल की शुरुआत में जीडब्ल्यूआर से कहा था, 'आप या तो लंबे समय तक जीवित रहते हैं या कम समय तक जीवित रहते हैं, और आप इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते.' हालांकि, स्वस्थ रहने के लिए उनकी एक सलाह थी, 'हर काम संयमित ढंग से करें.' वह कहते थे, 'यदि तुम बहुत अधिक पीते हो या बहुत अधिक खाते हो या बहुत अधिक चलते हो; आप किसी भी चीज की अति करते हो, तो अंततः उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.'
जॉन टिनिसवुड के पास नई जनरेशन के लिए कुछ लाइफ टिप्स भी थी. उनका कहना था, 'हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें, चाहे आप कुछ सीख रहे हों या किसी को सिखा रहे हों. आपके पास समाज को देने के लिए जो कुछ है, वह देने की कोशिश करो. क्योंकि ये चीजें आपके साथ नहीं जाएंगी.' टिनिसवुड के परिवार में उनकी बेटी सुजैन, चार पोते-पोतियां और तीन परपोते-पोतियां हैं. जीडब्ल्यूआर के अनुसार, अब तक के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति जापान के जिरोमोन किमुरा थे. उनका जन्म 1897 में हुआ था और 2013 में 116 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था.
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लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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