
दिल्ली-NCR में आखिर क्यों हो रही इतनी बारिश? मौसम विभाग ने बताई ये वजह
AajTak
जब मॉनसून के जाने का वक्त आ गया है तो दिल्ली-एनसीआर में बादल जमकर बरस रहे हैं. गुरुवार को इतनी बारिश हुई कि दिल्ली गुरुग्राम हाईवे जाम हो गया. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में जलभराव हो गया. यूपी-हरियाणा के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई. मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में हो रही इस झमाझम की वजह पता कर ली है. विभाग ने बताया कि अभी कुछ और दिन इसी तरह बारिश होगी.
दिल्ली-एनसीआर पिछले दो दिन से रुक-रुक बारिश हो रही है. गुरुवार को भी यूपी, दिल्ली, हरियाणा के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई. शुक्रवार को भी भारी बारिश के आसार है. मौसम विभाग के मुताबिक इन इलाकों में अभी कुछ दिन और हल्की से तेज बारिश हो सकती है. इसी के साथ ही विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि मॉनसून जब जाने को है तो अचानक दिल्ली-एनसीआर में इतनी बारिश क्यों हो रही है और आखिरकार इसका असर कब तक रहेगा.
मौसम में बदलाव की ये दो सिस्टम हैं वजह
दिल्ली-एनसीआर में अचानक मौसम में बदलाव और बारिश दो सिस्टम के एक साथ आने की वजह से हुआ है. पहला सिस्टम एक लो प्रेशर सिस्टम है, जिसकी वजह से एक साइक्लोनिक सरकुलेशन निचले वातावरण में बना हुआ है. यह सिस्टम उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश में सक्रिय है. वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दक्षिणी हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के इलाकों की तरफ फिलहाल एक्टिव होता हुआ नजर आ रहा है.
वहीं दूसरा सिस्टम एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ का है, जो वातावरण के ऊपरी इलाके में सक्रिय है. इसके साथ ही पछुआ हवाएं भी चल रही हैं. इन हवाओं को मिड ट्रोपास्फेरिक वेस्टरली भी कहा जाता है.
अगर दूसरा सिस्टम मौजूद नहीं होता तो पहला सिस्टम पश्चिम दिशा की ओर निकल जाता लेकिन दूसरे सिस्टम ने पहले सिस्टम को इसी इलाके में रोक रखा है जो अगले 2 दिनों तक बारिश करता रहेगा. दोनों मजबूत सिस्टम उत्तर प्रदेश, साउथ हरियाणा और दिल्ली एनसीआर में इस वीकेंड यानी सप्ताहांत तक बने रह सकते हैं.
आज भी बारिश के आसार: मौसम विभाग

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.

जोशीमठ क्षेत्र में जंगलों में लग रही आग का सिलसिला अब भी जारी है. फूलों की घाटी, थेंग गांव, तपोवन रेंज और नीति घाटी के जंगलों में तगड़ी आग भड़क चुकी है. खासकर जोशीमठ के सामने चाई गांव के जंगलों में भीषण आग लगातार फैल रही है. कई दिन से बारिश और बर्फबारी न होने की वजह से पहाड़ सूखे हुए हैं जिसका असर जंगलों पर पड़ रहा है.

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के केस में कार्रवाई की है. मुंबई के रहने वाले 72 साल के बुजुर्ग से 58.13 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये की राशि वापस कराई गई है. पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों की संपत्तियां फ्रीज की हैं, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.

बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में हिमालयी कुत्तों की खास बाजार लोगों का ध्यान खींच रही है. पहाड़ी इलाकों से आए व्यापारी हिमालयन शीपडॉग बेच रहे हैं, जिनकी कीमत 5,000 से 25,000 रुपये तक है. ये कुत्ते अपनी वफादारी और साहस के लिए जाने जाते हैं और जंगली जानवरों से भी मुकाबला करते हैं. पहले ग्रामीण इलाकों तक सीमित यह नस्ल अब शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.








