
दिल्ली शराब घोटाला: 14 घंटे रेड, सिसोदिया के करीबियों से दिनभर CBI की पूछताछ, अब तक क्या-क्या हुआ?
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दिल्ली के शराब घोटाले ने राजधानी की सियासत में बड़ा भूचाल ला दिया है. स्थिति ऐसी है कि मनीष सिसोदिया के घर रेड पड़ चुकी है, उनके करीबियों से पूछताछ हुई है और आने वाले दिनों में और भी कई नाटकीय मोड़ आ सकते हैं. इस सब के अलावा आम आदमी पार्टी ने इस पूरे विवाद को 2024 के लोकसभा चुनाव से जोड़ दिया है, इसे केजरीवाल बनाम मोदी की लड़ाई बना दिया है.
दिल्ली का शराब घोटाला आम आदमी पार्टी सरकार के लिए बड़ा सिर दर्दी बन गया है. जो मामला शुरुआत में सिर्फ एलजी बनाम केजरीवाल तक सीमित दिखाई पड़ रहा था, अब सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया तक आंच पहुंच गई है और कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. इस पूरे मामले के कई पहलू हैं, कई किरदार हैं और एक ऐसी राजनीति है जिसके तार सीधे-सीधे 2024 के लोकसभा चुनाव से जुड़ रहे हैं.
सिसोदिया के घर 14 घंटे रेड
शराब घोटाले के पूरे घटनाक्रम की बात करें तो इसकी शुरुआत शुक्रवार सुबह से हो गई थी. सीबीआई ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर रेड डाली. उनके साथ-साथ कई दूसरे सरकारी अधिकारियों के घर पर भी छापेमारी चली. ये दौर पूरे 14 घंटे तक चलता रहा. इस रेड के दौरान सीबीआई ने कई दस्तावेज जमा किए, बताया गया कि कुछ तो वो सीक्रट डॉक्यूमेंट्स थे जो किसी भी सरकारी अधिकारी के आवास पर नहीं होने चाहिए थे. जांच का दायरा आगे बढ़ा तो जांच एजेंसी ने सिसोदिया की गाड़ी तक की जांच कर डाली. जब 14 घंटे बाद ये रेड खत्म हुई, तो सीबीआई अपने साथ मनीष सिसोदिया का फोन ले गई, लैपटॉप भी जब्त कर लिया गया और उनके ईमेल डेटा को भी सिक्योर किया गया.
पहले दिन छानबीन, दूसरे दिन पूछताछ
अब पहले दिन की सीबीआई कार्रवाई ने अगले दिन की भूमिका तैयार कर दी थी. रेड का दौर समाप्त हुआ था, ऐसे में अगला कदम पूछताछ होना था. सवाल सिर्फ ये था कि सीबीआई सबसे पहले मनीष सिसोदिया से पूछताछ करेगी या फिर उनके करीबियों को बुलाया जाएगा. शनिवार सुबह सीबीआई ने उम्मीद के मुताबिक अपनी पूछताछ शुरू की. मनीष सिसोदिया के उन करीबियों को सवाल-जवाब के लिए बुलाया गया, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कमीशन लेने के बदले शराब व्यापारियों को लाइसेंस दिए. उन करीबियों से 12 घंटे तक लगातार पूछताछ हुई, दस्तावेजों के आधार पर कई सवाल दागे गए, अब क्या जवाब दिए गए, सीबीआई का क्या काउंटर रहा, अभी तक इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है.
सीबीआई की FIR ने तैयार की आगे की भूमिका

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