
दिल्ली में कोरोना विस्फोट का असर, 17 बड़े प्राइवेट अस्पतालों में एक भी बेड खाली नहीं
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दिल्ली में करीब 17 बड़े अस्पताल ऐसे हैं, जहां पर एक भी कोरोना बेड खाली नहीं है. ऐसे में राजधानी में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
कोरोना वायरस का संकट एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहा है. देश में बीते दिन 1.68 लाख केस दर्ज किए गए हैं. मामलों की बढ़ती रफ्तार के बीच दिल्ली-महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बेड्स की कमी हो गई है. दिल्ली में करीब 17 बड़े अस्पताल ऐसे हैं, जहां पर एक भी कोरोना बेड्स नहीं है. राजधानी में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. देश की राजधानी दिल्ली में एक दिन में कोरोना मामलों की संख्या 10 हज़ार पार जाने का असर दिखने लगा है. राजधानी के बड़े प्राइवेट अस्पतालों में बेड्स की किल्लत हो रही है तो एक दर्जन से ज़्यादा प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना बेड्स की उपलब्धता शून्य हो गई है.
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