
दिल्ली: मंत्री आतिशी ने एसडीएम ऑफिस में चल रहे रिश्वतखोरी की जांच के दिए आदेश
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बता दे कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा जारी विजिलेंस मैनुअल, 2021 में चीफ विजिलेंस ऑफिसर के प्रमुख कामों में से एक यह भी है कि वे उन नियमित रूप से इन दफ्तरों के कामकाज की प्रक्रिया की जाँच करें और जहाँ भी भ्रष्टाचार की गुंजाईश है उसका पता लगाए ताकि उसपर जरुरी एक्शन लिया जा सके.
विभाग संभालने के तुरंत बाद विजिलेंस मंत्री आतिशी मार्लेना एक्शन में नज़र आ रही हैं. आतिशी ने एसडीएम ऑफिसों में प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर चल रहे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी लगाम लगाने के लिए मुख्य सचिव को सप्ताह भर में दिल्ली के सभी एसडीएम ऑफिसों का निरीक्षण करने के सख्त निर्देश दिए है.
विजिलेंस मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को दिए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जन सुनवाई के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिली हैं, जहाँ शिकायतकर्ता बताते है कि एसडीएम ऑफिस में कुछ सरकारी अधिकारी राजस्व विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले अलग अलग प्रमाणपत्रों के आवेदनों को सुविधाजनक बनाने के बदले में रिश्वत की मांग की जा रही है.
उन्होंने कहा कि एसडीएम ऑफिस उन नोडल पॉइंट्स में से एक है, जहाँ लोग आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि जैसे बहुत ही बुनियादी और आवश्यक दस्तावेजों के लिए आते है. इन दफ्तरों में समाज के बेहद वंचित वर्गों के लोग आते है, ऐसे ऐसे में ये बेहद चौकाने वाली बात है कि ये ऑफिस भ्रष्टाचार का स्थान बन रहे है.
इस बाबत विजिलेंस मंत्री ने मुख्य सचिव को आदेश देते हुए कहा कि मुख्य सचिव, चीफ विजिलेंस अधिकारी के रूप में भी काम करते है, इन मामलों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण करने के लिए लिए वरिष्ठ आईएएस और दानिक्स अधिकारियों की एक टीम का गठन करें और सुनिश्चित करें कि ये अधिकारी अगले एक सप्ताह के भीतर सभी एसडीएम ऑफिसों का दौरा करें. साथ ही मुख्य सचिव बतौर चीफ विजिलेंस इन दफ्तरों में कामकाज की जांच करने और भ्रष्टाचार की किसी भी गुंजाईश को पता लगाने के लिए खुद कम से कम 5 एसडीएम ऑफिस का दौरा करें.
बता दे कि केंद्रीय सतर्कता आयोग द्वारा जारी विजिलेंस मैनुअल, 2021 में चीफ विजिलेंस ऑफिसर के प्रमुख कामों में से एक यह भी है कि वे उन नियमित रूप से इन दफ्तरों के कामकाज की प्रक्रिया की जाँच करें और जहाँ भी भ्रष्टाचार की गुंजाईश है उसका पता लगाए ताकि उसपर जरुरी एक्शन लिया जा सके.
विजिलेंस मंत्री आतिशी ने मुख्य सचिव को ये आदेश भी दिया कि मुख्य सचिव बतौर मुख्य सतर्कता अधिकारी एक सप्ताह के भीतर एसडीएम कार्यालयों में पाई गई अनियमितताओं, कामों में होने वाली देरी और भ्रष्टाचार पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करे और बताए कि इन पर कैसे अंकुश लगाया जा सकता है और कैसे एसडीएम ऑफिस के काम काज में जरुरी बदलाव किए जा सकते है ताकि यहाँ भ्रष्टाचार की कोई गुंजाईश न रहे.

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