
दिल्ली ब्लास्ट: AK-47 सप्लाई चेन की जांच में SIA ने एक और संदिग्ध को पकड़ा, डॉ उमर को दी थी राइफल
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जैश-ए-मोहम्मद के इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल और रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच में बड़ा खुलासा करते हुए SIA और SOG श्रीनगर ने इलेक्ट्रिशियन तुफैल अहमद को पुलवामा के इंडस्ट्रियल एस्टेट से हिरासत में लिया है. तुफैल श्रीनगर के बटमालू का निवासी है. उस पर शक है कि उसने ही GMC श्रीनगर में तैनाती के दौरान आतंकी डॉक्टर उमर को AK-47 राइफल उपलब्ध कराई थी, जो बाद में GMC अनंतनाग में डॉ. अदील के लॉकर से बरामद हुई.
जैश-ए-मोहम्मद के इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल और रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) और स्पेशल ऑप्स ग्रुप (SOG) श्रीनगर ने एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है.
सूत्रों के मुताबिक, तुफैल अहमद, जो पेशे से इलेक्ट्रिशियन है, को SIA की टीम ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा स्थित एक इंडस्ट्रियल एस्टेट से पकड़ा. उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. जांच के दौरान ऐसे कई अहम सुराग मिले हैं जिनसे यह पता चलता है कि वह रेड फोर्ट ब्लास्ट की साजिश में शामिल था.
तुफैल ने ही उमर को दी थी एके-47 राइफल?
तुफैल पुलवामा का निवासी नहीं है. वह श्रीनगर के बटमालू इलाके का रहने वाला है और पुलवामा के इंडस्ट्रियल एरिया में काम करता था. जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि SIA की ओर से की गई इस ताजा गिरफ्तारी से एक और बड़ा सुराग मिला है. संभवत: तुफैल अहमद ही वह शख्स है जिसने धमाके को अंजाम देने वाले आतंकी डॉक्टर उमर को एके-47 राइफल उपलब्ध कराई थी, जब वह श्रीनगर जीएमसी में था.
पाकिस्तानी हैंडलर की तलाश में एजेंसियां
तुफैल अहमद की मुलाकात डॉ. उमर से उस वक्त हुई जब दोनों एक ही इलाके में किराये पर रह रहे थे. शक है कि जब डॉ. उमर GMC श्रीनगर में कार्यरत था, तब उसे एके-47 राइफल मिली थी. यही राइफल हाल ही में GMC अनंतनाग में डॉ. अदील के लॉकर की तलाशी के दौरान बरामद हुई थी. अब जांच एजेंसियां उस पाकिस्तानी हैंडलर की तलाश कर रही हैं, जिसके बारे में माना जा रहा है कि उसी ने यह ऑटोमैटिक राइफल तुफैल तक पहुंचाई थी.

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