
दिल्ली: खतरनाक प्रदूषण के बीच DU और JNU का अहम फैसला, ऑनलाइन क्लासेज शुरू करने का ऐलान
AajTak
जेएनयू प्रशासन ने कहा,
राष्ट्रीय राजधानी में खतरनाक प्रदूषण की वजह से शिक्षण संस्थानों पर भी बुरा असर पड़ रहा है. दिल्ली यूनिवर्सिटी और जेएनयू में ऑनलाइन क्लासेज चलाने का फैसला लिया गया है. दिल्ली विश्वविद्यालय में 23 नवंबर तक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 22 नवंबर तक ऑनलाइन क्लासेज चलेंगी.
यह फैसला ऐसे वक्त में लिया गया है, जब दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता "खतरनाक रूप से उच्च" स्तर पर पहुंच गई है, जिससे स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. सोमवार शाम 4 बजे, दिल्ली का AQI 494 था.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा, "फिजिकल मोड" में रेगुलर क्लासेज 25 नवंबर को फिर से शुरू होंगी.
जेएनयू ने अपने बयान में कहा कि वह 22 नवंबर तक सभी कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित करेगा. हालांकि, विश्वविद्यालयों ने कहा कि एग्जाम और इंटरव्यू के कार्यक्रम में कोई भी बदलाव नहीं होगा.
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की स्थिति को "मेडिकल इमरजेंसी" करार दिया है और संस्थानों से पब्लिक हेल्थ के मद्देनजर निवारक उपाय करने का आग्रह किया है. शहर की हवा को प्रभावित करने वाले दो प्रमुख कारण मौसम की स्थिति और पराली जलाना है. खराब हवा की वजह से क्षेत्र के कई स्कूल और कॉलेज पहले ही ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर चुके हैं.
प्रदूषण के चलते बदली ऑफिस की टाइमिंग दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए सरकारी दफ्तरों के समय में बदलाव किया गया है. अब एमसीडी के दफ्तरों में सुबह 8:30 से लेकर शाम 5:00 बजे तक काम होगा. वहीं दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम के 6:30 तक काम करेंगे. बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण के मद्देनजर दफ्तरों को अलग-अलग समय खोलने और बंद करने का फैसला लिया गया है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









