
दिल्ली के तीन अस्पतालों में गर्मी से 45 मौतें... निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे 142 शव
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दिल्ली और NCR में भीषण गर्मी ने इस बार लोगों को बेहाल कर दिया. लोगों को तेज धूप और लू से बचने की सलाह दी गई. हालांकि कल से कुछ राहत है. दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में 45 मौतें दर्ज की गई हैं. वहीं निगमबोध घाट पर बुधवार को अंतिम संस्कार के लिए 142 शव लाए गए. आमतौर पर यहां 50-60 अंतिम संस्कार होते हैं.
देश की राजधानी दिल्ली में स्थित राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग और एलएनजेपी अस्पतालों में संदिग्ध रूप से गर्मी से संबंधित (heatwave) बीमारियों के कारण 45 मौतें दर्ज की गई हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. दिल्ली पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी से जूझ रही है. गुरुवार सुबह हल्की बारिश के कारण कुछ राहत मिली. शहर के अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के कारण मरने वालों और मरीजों की संख्या में वृद्धि देखी गई.
एजेंसी के अनुसार, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने कहा कि 27 मई से 19 जून की सुबह 9 बजे के बीच अस्पताल में हीटस्ट्रोक के 47 मामले आए. इसके बाद अगले 24 घंटों में हीटस्ट्रोक के 26 मरीज अस्पताल में लाए गए.
डॉक्टर ने बताया कि 27 मई से 19 जून की सुबह 9 बजे के बीच अस्पताल में हीटस्ट्रोक से 11 लोगों की संदिग्ध रूप से मौतें हुईं. इसके बाद अगले 24 घंटों में 7 लोगों की संदिग्ध रूप से मौतें दर्ज की गईं. वर्तमान में आरएमएल अस्पताल में गर्मी से संबंधित बीमारियों के 32 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 26 या तो बहुत बीमार हैं या वेंटिलेटर पर हैं.
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अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली में सफदरजंग अस्पताल में भीषण गर्मी की शुरुआत से अब तक 24 मौतें दर्ज की गई हैं. अस्पताल में गुरुवार को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे के बीच छह नए मरीज भर्ती हुए और दो मौतें हुईं. उन्होंने कहा कि अस्पताल में गर्मी से संबंधित बीमारियों के कुल 47 मरीज हैं, जिनमें से 29 की हालत गंभीर है.
अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि 16 जून से अब तक गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण 62 मरीज भर्ती हुए हैं, जबकि अब तक मरने वालों की संख्या 24 है. सफदरजंग अस्पताल में गर्मी से संबंधित बीमारी वाले मरीजों के लिए 23 बेड वाला वार्ड बनाया गया है.

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