
दिल्ली की हवा फेफड़ों के साथ-साथ जोड़ों को भी पहुंचा रही नुकसान, प्रदूषण अब गठिया का बन रहा है कारण
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दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण जोड़ों के दर्द और गठिया रोग का गंभीर कारण बनता जा रहा है. भारतीय गठिया संघ के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में PM2.5 प्रदूषण स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों से कई गुना अधिक है, जो शरीर में सूजन और गठिया जैसे रोगों को बढ़ावा देता है.
दिल्ली में साल के ज्यादातर दिन हवा सांस लेने लायक स्वच्छ नहीं होती है. जहरीली हवा दिल्लीवासियों को अब सिर्फ सांस की तकलीफ नहीं दे रही, बल्कि जोड़ों के दर्द का कारण भी बन रही है. भारतीय गठिया संघ (इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन) के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण गठिया रोग के मामलों को तेजी से बढ़ा रहा है.
दिल्ली दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है. यहां की हवा में PM2.5 कण की मात्रा WHO के तय लिमिट से कई ज्यादा है. यहां की जहरीली हवा न सिर्फ फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि पूरे शरीर में सूजन पैदा करते हैं.
आजतक से बातचीत करते हुए एम्स दिल्ली की गठिया विभाग की प्रमुख डॉ. उमा कुमार ने बताया, 'हम देख रहे हैं कि प्रदूषित इलाकों में रहने वाले ऐसे लोगों में गठिया हो रहा है जिनके परिवार में पहले कभी यह बीमारी नहीं थी. प्रदूषण से शरीर में सूजन बढ़ती है और जोड़ों को नुकसान होता है.'
कैसे काम करता है प्रदूषण?
जब हम जहरीली हवा में सांस लेते हैं तो शरीर में कई हानिकारक प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं. जैसे - प्रदूषण से पूरे शरीर में सूजन हो जाती है. शरीर का बचाव तंत्र अपने ही अंगों पर हमला करने लगता है. शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है.
फोर्टिस अस्पताल के गठिया विशेषज्ञ डॉ. बिमलेश धर पांडे ने स्पष्ट किया, 'व्यस्त सड़कों के पास रहने वाले लोगों में गठिया का खतरा ज्यादा होता है क्योंकि वहां ट्रैफिक से निकलने वाला प्रदूषण लगातार उनके शरीर को नुकसान पहुंचाता है.'

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