
दरवाजे पर रखें ये 4 शुभ चीजें, सुख-संपन्नता अपने आप ढूंढ लेगी आपके घर का एड्रेस
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घर का मुख्य द्वार अगर ठीक न हो तो घर में कभी भी खुशियां नहीं आ सकती. घर के मुख्य द्वार को शुभ और उत्तम बनाए रखने के लिए तमाम वस्तुएं लगाई जाती हैं. इन वस्तुओं को अगर सही तरीके से लगाया जाए तो खूब लाभ हो सकता है.
घर के मुख्य द्वार को खुशियों का प्रवेश द्वार माना जाता है. यहीं से घर में सम्पन्नता और समृद्धि आती है. इसी स्थान से घर में रहने वाले लोगों का भाग्य निर्धारित होता है. मुख्य द्वार अगर ठीक न हो तो घर में कभी भी खुशियां नहीं आ सकती. घर के मुख्य द्वार को शुभ और उत्तम बनाए रखने के लिए तमाम वस्तुएं लगाई जाती हैं. इन वस्तुओं को अगर सही तरीके से लगाया जाए तो खूब लाभ हो सकता है.
मंगल कलश कलश का अर्थ सम्पन्नता होती है. यह शुक्र और चन्द्र का प्रतीक है. कलश की स्थापना मुख्य रूप से दो जगहों पर की जा सकती है. मुख्य द्वार पर और पूजा स्थान पर मुख्य द्वार पर रखने वाले कलश का मुख चौड़ा और खुला होना चाहिए. इसमें पर्याप्त पानी भरकर रखना चाहिए. हो सके तो फूलों की कुछ पंखुड़ियां इसमें डाल कर रखनी चाहिए. मुख्य द्वार पर जल से भरा कलश रखने से घर में सम्पन्नता आती है. किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती है.
वन्दनवार किसी भी मंगल कार्य या उत्सव के पूर्व मुख्य द्वार पर वन्दनवार लगाया जाता है. यूं तो तमाम तरह के वन्दनवार प्रयोग किए जाते हैं. पर आम के पत्तों का वन्दनवार सबसे अच्छा माना जाता है. इसे वैसे भी लगा सकते हैं, मंगलवार को लगाना सर्वोत्तम होगा. आम के पत्तों में सुख को आकर्षित करने की क्षमता होती है. इसके पत्तों की विशेष सुगंध से मन की चिंता भी दूर होती है. इसलिए इसके पत्तों से बना वन्दनवार घर के मुख्य द्वार पर लगाते हैं.
स्वास्तिक चार भुजाओं से बनी हुई एक विशेष तरह की आकृति है. आमतौर पर किसी जगह की ऊर्जा को बढ़ाने घटाने या संतुलित करने के लिए इसका प्रयोग करते हैं. इसका गलत प्रयोग आपको मुश्किल में डाल सकता है और सही प्रयोग आपको जीवन की तमाम समस्याओं से निकाल सकता है. लाल और नीले रंग का स्वास्तिक विशेष प्रभावशाली माना जाता है. घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ लाल स्वास्तिक लगाने से घर के वास्तु और दिशा दोष दूर होते हैं. मुख्य द्वार के ऊपर बीचों बीच नीला स्वास्तिक लगाने से घर के लोगों का स्वास्थ्य ठीक रहता है.
गणेशजी घर में खुशहाली और शुभता लाने के लिए लोग मुख्य द्वार पर गणेश जी का चित्र या मूर्ति लगाते हैं. लेकिन गणेश जी का चित्र बिना नियम और जानकारी के लगाने से मुश्किलें बढ़ जाती हैं. गणेश जी की पीठ की तरह दरिद्रता होती है और पेट की तरफ सम्पन्नता. इसलिए जब भी मुख्य द्वार पर गणेश जी लगाएं , उन्हें अन्दर की ओर लगाएं. बाहर की तरह लगाने से घर में धन का अभाव होगा और दरिद्रता बढ़ेगी. अन्दर की तरफ लगाने से बाधाओं का नाश होगा और हर कार्य में सफलता मिलेगी.

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