
तहव्वुर पर शोर, क्रेडिट की होड़! BJP के हमले पर कांग्रेस ने दी दाउद इब्राहिम को लाने की चुनौती
AajTak
जिस आतंकवादी ने 26 नवंबर 2008 को आतंकी हमला कर मुंबई को दहलाया, जिसने होटल ताज में खूनी खेल की ऐसी साजिश रची कि 160 से ज्यादा लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, उसे अंतत: भारत लाया जा चुका है. अब उसके एक-एक गुनाह का हिसाब होगा.
तहव्वुर राणा ने पाकिस्तानी आतंकी कसाब के साथ मिलकर ऐसा खूनी खेल खेला था कि मुंबई का समंदर बेगुनाहों के खून से लाल हो गया था. अब उसी तहव्वुर राणा को मोदी सरकार अपनी कूटनीति का इस्तेमाल करते हुए उसे अमेरिका से भारत खींच लाई है. अब आतंकी तहव्वुर राणा के गुनाहों का पूरा हिसाब होने वाला है.
एनआईए की टीम के सामने तहव्वुर राणा पहले गिड़गिड़ाएगा फिर अपने काले कारनामों का कबूलनामा करेगा.26-11 हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का नया पता अब दिल्ली की तिहाड़ जेल होगा. माना जा रहा है कि, तहव्वुर राणा का कबूलनामा एक बार फिर पाकिस्तान के नापाक चेहरे को बेनकाब करेगा.
क्रेडिट लेने की होड़
इस बीच तहव्वुर राणा को भारत लाने को लेकर क्रेडिट लेने की होड़ भी शुरू हो गई है. तहव्वुर के भारत आने के बाद बीजेपी कह रही है कि, ये मोदी सरकार है जहां आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है जबकि कांग्रेस के कार्यकाल में 26-11 हमले के दोषी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाई जाती थी. इस आरोप पर कांग्रेस बिफर गई. कांग्रेस कह रही है कि, बीजेपी सरकार इसे चुनाव में भुनाने की जगह पाकिस्तान में बैठे मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम को भी भारत लाए.
यह भी पढ़ें: सफेद दाढ़ी-बाल, ब्राउन जंपसूट... भारत आने के बाद तहव्वुर राणा की पहली तस्वीर आई सामने
यह एक ऐसा मुद्दा है कि विपक्ष ना तो सरकार की आलोचना कर पा रहा है और सरकार की पीठ थपथपाने का तो सवाल ही नहीं उठता. कांग्रेस कह रही है कि, राणा को फांसी देकर उसका अध्याय समाप्त किया जाए ना कि, चुनावों में उसके नाम पर वोट बटोरे जाएं. कांग्रेस नेता विजय वेडट्टीवार ने कहा, 'राणा को लाओ और तुरंत फांसी दो. राजनीति नहीं होनी चाहिए. आने वाले चुनावों में सरकार उसका नाम लेकर वोट नहीं बटोरे. बीजेपी सिर्फ राजनीति कर रही है. पाकिस्तान में दाऊद बैठा है उसको भी पकड़ो.'

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








