
ड्रग माफिया सुनील यादव की कहानी, गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा ने ली जिसके कत्ल की जिम्मेदारी
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स्टॉकटॉन पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस टीम एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचनी मिलने पर कॉल लोकेशन पर पहुंची. मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने वहां एक शख्स को घायल पाया. उसे गोली लगी थी. फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
Drug Mafia Sunil Yadav Shot in USA: नशे की काली दुनिया का कुख्यात नाम सुनील यादव अमेरिका में मारा गया. अमेरिका के कैलिफोर्निया में शूटआउट के दौरान उसकी मौत हो गई. उसका नाम बड़े ड्रग माफियाओं की लिस्ट में शुमार था. हाल ही में खुलासा हुआ है कि गैंगस्टर गोल्डी बरार और रोहित गोदारा ने अमेरिका में उसे मारने की जिम्मेदारी ली है. सुनील यादव अपने विशाल नेटवर्क, ऑपरेशन और अब एक निशाने पर आए शख्स के कारण लगातार सुर्खियों में रहा है. उसकी बदनामी दूर-दूर तक फैली हुई है.
स्टॉकटॉन पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों की टीम एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचनी मिलने पर कॉल लोकेशन पर पहुंची. मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वहां एक पुरुष को गोली लगने से घायल पाया. उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने पीड़ित को मृत घोषित कर दिया था. हालांकि उस वक्त उसके बारे में कोई संदिग्ध जानकारी नहीं थी. उसकी शख्स की पहचान बाद में ड्रग माफिया सुनील यादव के तौर पर हुई.
कौन था सुनील यादव? जुर्म की काली दुनिया में सुनील यादव को ड्रग माफियाओं में बड़ा नाम माना जाता था. उसका दूसरा नाम गोली वरयाम खेड़ा है. उसने दिल्ली से राहुल के नाम से एक फर्ज़ी पासपोर्ट बनवाया. फिर उस पासपोर्ट के ज़रिए पहले दुबई, फिर अमेरिका चला गया और वहीं ड्रग तस्करी का काम करने लगा. आरोप है कि इससे पहले राजस्थान पुलिस ने दुबई में एजेंसियों के ज़रिए सुनील के सहयोगी को गिरफ़्तार किया था.
सुनील यादव के ख़िलाफ़ हाल ही में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था. आजतक की एक रिपोर्ट बताती है कि कुछ साल पहले भारत में सुनील यादव से जुड़ा 300 करोड़ रुपये का कंसाइनमेंट पकड़ा गया था. वो पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा रहा. बताया गया कि सुनील, अमेरिका से पहले दुबई में ड्रग्स का रैकेट चलाता था. सुनील ड्रग्स तस्करी का बड़ा खिलाड़ी बन गया था, जो पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप लाकर दुनिया भर में सप्लाई करता था. सुनील यादव करीब दो साल पहले फर्जी पासपोर्ट के जरिये अमेरिका भाग गया था. सुनील यादव को पहले राजस्थान पुलिस ने गंगानगर में हुए पंकज सोनी हत्याकांड में गिरफ्तार भी किया था.
अबोहर फाजिल्का के रहने वाले सुनील यादव ने पहले छोटे-मोटे तस्करी के कामों से अपने आपराधिक करियर की शुरुआत की थी. समय के साथ, उसकी तेज बुद्धि और उत्साह उसे अंडरवर्ल्ड की तरफ ले गया. सुनील यादव का कार्टेल मुख्य रूप से कोकीन, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग्स सहित उच्च श्रेणी के नशीले पदार्थों का कारोबार करता था, जिनकी तस्करी एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में की जाती थी. उसके ऑपरेशन में कानूनी प्रवर्तन एजेंसियां या प्रतिद्वंद्वी गिरोहों का दखल बहुत कम होता था.
सुनील यादव का साम्राज्य डर, गठबंधन और गुर्गों के एक परिष्कृत नेटवर्क पर आधारित था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि उसने अपने ड्रग व्यापार को आगे ले जाने के लिए वैध व्यवसाय का इस्तेमाल किया, जिसमें लॉजिस्टिक्स कंपनियां और रियल एस्टेट शामिल है. कई शिकायत और उन पर एक्शन होने के बावजूद, सुनील यादव रिश्वत के सहारे खुद के लिए पैदा होने वाले खतरों को खत्म या कम करता रहा. दुश्मनों और मुखबिरों की हत्याओं के मामलों में भी वो पीछे नहीं था.

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