
डीयू कैंपस में रैलियों और प्रदर्शनों पर रोक, एक महीने के लिए प्रभावी रहेगा बैन
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यूजीसी के नए नियम के विरोध और उस पर स्टे लगने के बाद फिर से उसे लागू करने की मांग हो लेकर हुए हंगामे के बाद डीयू कैंपस में विरोध-प्रदर्शनों, सभाओं और जुलूस निकालने पर एक महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.
दिल्ली विश्वविद्यालय ने मंगलवार से कैंपस में होने वाले सभाओं, जुलूसों और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया. यह निर्णय तब लिया गया है, जब पिछले दिनों यूजीसी के नए इक्विटी रूल, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया है. उसे लागू करने की मांग को लेकर कैंपस में हंगामा हुआ था. सर्वोच्च न्यायालय ने नियमों में अस्पष्टता की वजह से इसके संभावित दुरुपयोग का हवाला देते हुए यूजीसी के नए इक्विटी रूल को होल्ड कर दिया है. . डीयू के प्रॉक्टर ने विश्वविद्यालय परिसरों में कानून व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह ऑर्डर इस जानकारी के आधार पर जारी किया गया है कि कैंपस में बिना रोक-टोक के पब्लिक गैदरिंग, जुलूस या प्रदर्शन से ट्रैफिक में रुकावट आ सकती है. इंसानी जान को खतरा हो सकता है और पब्लिक शांति भंग हो सकती है. पहले भी, ऑर्गनाइज़र अक्सर ऐसे प्रोटेस्ट को कंट्रोल करने में नाकाम रहे हैं, जो बढ़ते गए और बड़े पैमाने पर फैल गए, जिससे यूनिवर्सिटी कैंपस में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ा गया.
हर तरह के गैदरिंग पर कैंपस में रोक दिल्ली विश्वविद्यालय ने आदेशानुसार किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, रैली, धरना, विरोध प्रदर्शन या आंदोलन करने, पांच या दो से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, मशाल, बीकन, टॉर्च सहित किसी भी प्रकार की खतरनाक सामग्री इस्तेमाल कर ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल होने, जिससे शांति या यातायात प्रभावित हो सकता है. इन पर गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है.
इससे पहले शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने छात्रों और शिक्षकों से सद्भाव बनाए रखने और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न होने का आग्रह किया था, जो आपसी कलह को बढ़ाती है.
योगेश सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के फेसबुक हैंडल से साझा किए गए एक बयान में कहा कि मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और छात्रों से अनुरोध करता हूं कि वे आपस में सद्भाव बनाए रखें. किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल न हों जिससे आपसी कलह बढ़े और देश तथा विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुंचे.
पिछले दोनों छात्रों के दो गुटों में हुई थी झड़प शुक्रवार को दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई थी. इसमें दोनों समूहों ने एक-दूसरे पर हिंसा और धमकाने का आरोप लगाया था. यह झड़प यूजीसी के नए इक्विटी नियमों के समर्थन में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई थी. लेफ्ट विंग के छात्रों नए नियम को लागू करने के पक्ष में प्रदर्शन किया था.
एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि जब वह रिपोर्टिंग के दौरान प्रदर्शन करने वाले छात्रों की जाति के बारे में जानकारी लेनी चाही तो प्रदर्शन कर रही भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया और उन्हें रेप की धमकी दी.

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