
'डब्बा ट्रेडिंग' के जरिए हो रही ठगी, नकली साइट्स से इन्वेस्टर्स को ऐसे लगाया जा रहा है चूना
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आजतक की जांच में 'डब्बा ट्रेडिंग' के नाम पर ठगी करने वाली कई फर्जी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स का नेटवर्क सामने आया है. ये प्लेटफॉर्म्स बिना किसी वेरिफिकेशन के इन्वेस्टर्स को झांसा देकर पैसे ऐंठ रहे हैं.
स्टॉक ट्रेडिंग को भारत में सबसे फायदेमंद बिजनेस माना जाता है, लेकिन इसके लिए कड़े नियम और रेगुलेशंस हैं. इससे बचने के लिए कई लोग 'डब्बा ट्रेडिंग' का सहारा लेते हैं, जो अवैध है और सिर्फ भरोसे पर चलती है. अब इसी डब्बा ट्रेडिंग का डिजिटल रूप तैयार कर इन्वेस्टर्स से ठगी का नया जाल बुना गया है.
आजतक की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने कई फर्जी प्लेटफॉर्म्स का खुलासा किया है, जो डब्बा ट्रेडिंग की सुविधा देने का वादा करते हैं. इनका प्रचार WhatsApp और Telegram पर किया जा रहा है. इन प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग-अलग मोबाइल ऐप्स भी बनाए गए हैं.
ठगी का नेटवर्क जांच में पाया गया कि 'Bear & Bull Dabba Trading' नाम का एक प्लेटफॉर्म इन्वेस्टमेंट की सुविधा देने का दावा करता है. इसका वेबसाइट और मोबाइल ऐप WhatsApp और Telegram के जरिए शेयर किया जाता है. इसका इंटरफेस Zerodha जैसे लोकप्रिय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की नकल करता है.
वेबसाइट की डोमेन डिटेल्स के मुताबिक, bearbull[.]co सिर्फ छह महीने पहले रजिस्टर्ड हुआ था. ऐप को किसी भी ऑफिशियल ऐप स्टोर पर नहीं पाया गया. आजतक की जांच में पता चला कि bearbull[.]co और 18 अन्य डब्बा ट्रेडिंग साइट्स एक ही IP एड्रेस (148.113.16.91) पर होस्टेड हैं. इन साइट्स के डिजाइन और कोडिंग एक जैसे हैं. इनका संबंध Ovhtech R&D (India) Pvt. Ltd. नामक क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर से पाया गया.
इनमें से कुछ साइट्स, जैसे deltatrade[.]site, angelone[.]tech, और nextrade[.]pro, नामी और भरोसेमंद ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की नकल करती हैं. इन सभी डोमेन्स का रजिस्ट्रेशन जून 2024 के बाद हुआ है.
कैसे काम करता है ठगी का मॉडल? इन सभी साइट्स का तरीका एक जैसा है. ये पहले छोटे इन्वेस्टमेंट पर ज्यादा रिटर्न का वादा कर करके भरोसा जीतते हैं. फिर इन्वेस्टर्स को और पैसे लगाने के लिए उकसाया जाता है. और जैसे ही पर्याप्त पैसा जमा हो जाता है साइट बंद कर दी जाती है.

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