
ट्रूडो के जाते ही कनाडा से खालिस्तानियों का पैकअप, जगमीत सिंह चुनाव हारे, पार्टी की जमीन भी खिसकी
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खालिस्तानी नेता जगमीत सिंह की पार्टी एनडीपी ने 343 सीटों पर चुनाव लड़ा था. पार्टी ने पिछले चुनाव में 24 सीटें जीती थीं. इसे कनाडा में खालिस्तान के समर्थकों के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
कनाडा के आम चुनाव में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) की लिबरल पार्टी बहुमत की ओर बढ़ती नजर आ रही है. अब तक के रुझानों में लिबरल पार्टी 165 सीटों पर आगे है जबकि खालिस्तानी नेता जगमीत सिंह चुनाव हार गए हैं.
न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के नेता जगमीत सिंह बर्नाबे सेंट्रल सीट से चुनाव में हार गए हैं. उन्होंने अपनी हार स्वीकार करते हुए एनडीपी के नेता के तौर पर इस्तीफा दे दिया है. उनकी एनडीपी पार्टी 7 सीटों पर आगे है. इस चुनाव में एनडीपी का जनाधार खिसकने से पार्टी का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी छीन गया है.
जगमीत ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि मैं निराश हूं कि हम अधिक सीटें नहीं जीत सके. लेकिन हम हमारी गतिविधियों को लेकर निराश नहीं हूं. मैं हमारी पार्टी को लेकर आशावादी हूं. मैं जानता हूं कि हम हमेशा डर के बजाए उम्मीद को चुनेंगे. वह आठ साल से एनडीपी के प्रमुख थे.
उन्होंने कहा कि लेकिन हमें केवल तभी हराया जा सकता है जब हम उन लोगों पर विश्वास कर लें जो कहते हैं कि हम बेहतर कनाडा का सपना कभी नहीं देखेंगे. मैं हमेशा संघर्षों के बजाए उम्मीद को चुनता हूं.
एनडीपी ने 343 सीटों पर चुनाव लड़ा था. पार्टी ने पिछले चुनाव में 24 सीटें जीती थीं. इसे कनाडा में खालिस्तान के समर्थकों के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
उधर, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की लिबरल पार्टी एक बार फिर सरकार बनाने जा रही है. कार्नी ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कनाडा की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा. जब मैं राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बैठूंगा, तो यह दो संप्रभु राष्ट्रों के बीच भविष्य के आर्थिक और सुरक्षा संबंधों पर चर्चा करने के लिए होगा.

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