
ट्रंप खेल रहे 'गेम ऑफ थ्रोन्स'... पहलवी, गालिबाफ या पेजेश्कियान, किसको देंगे ईरान की कमान?
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जंग की शुरुआत से ही अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के धार्मिक नेतृत्व और IRGC के शीर्ष कमांडर को निशाना बनाया है. अमेरिका दोतरफा बात कर रहा है. उसने जंग जारी रखी है और अपने शर्तों पर लगातार बातचीत की पेशकश भी रहा है. इसके लिए वह नए-नए किरदार को सामने लाता रहा है. इसमें कभी पहलवी सामने आते हैं तो कभी गालिबाफ तो कभी राष्ट्रपति पेजेश्कियान.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान नीति को ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ का नया अध्याय बना दिया है. ट्रंप, प्रेशर, पॉलिटिक्स, प्रतिबंध और ऑप्शन की बात करते हुए सियासत की बहुस्तरीय चाल चलते हुए दिखते हैं. ट्रंप ने गुरुवार को यह कर दुनिया को हैरान कर दिया कि ईरान के कुछ नेताओं ने उन्हें सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव दिया था. लेकिन इसे उन्होंने खारिज कर दिया.
गेम ऑफ थ्रोन्स एक लोकप्रिय टीवी सीरीज है. ये सीरीज जॉर्ज आर आर मार्टिन की किताबों पर आधारित है. इसमें कई राजघराने 'आयरन थ्रोन' पर कब्जे के लिए साजिश, युद्ध, गठबंधन और विश्वासघात करते हैं. सत्ता की राजनीति, रहस्य और अप्रत्याशित घटनाएं इसे दुनिया की सबसे चर्चित सीरीज में शामिल करती हैं.
ईरान के भीतर सत्ता संतुलन को प्रभावित करने के लिए ट्रंप ने पहले निर्वासित शाही परिवार के उत्तराधिकारी रजा पहलवी का नाम चलाया.
रजा पहलवी के साथ ट्रंप का रिश्ता पुराना है. 2024 चुनाव जीतने के तुरंत बाद ट्रंप ने पहलवी को ‘ईरान के भविष्य का प्रतीक’ बताया था. पहलवी 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से अमेरिका में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं. राज परिवार के इस वारिस ने ट्रंप को पत्र लिखकर ‘अमेरिका-ईरान दोस्ती’ की अपील की थी. ट्रंप ने इसे सार्वजनिक रूप से शेयर किया और कहा, "ईरान के लोग आजादी चाहते हैं, हम उन्हें दिलाएंगे." तब से पहलवी की ‘काउंसिल फॉर द फ्यूचर ऑफ ईरान’ को अमेरिकी फंडिंग बढ़ गई है.
रजा पहलवी की पश्चिमी मंचों पर बढ़ती स्वीकार्यता मिलने को कई विशेषज्ञ ईरान के भीतर वैकल्पिक नेतृत्व की तलाश के संकेत के रूप में देखते हैं. हालांकि पहलवी का देश के भीतर प्रभाव सीमित माना जाता है, फिर भी उनका नाम उछलना ट्रंप की प्रतीकात्मक दबाव की राजनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
लेकिन क्या अब खेल बदल गया है. क्या ट्रंप को ऐसा लगता है कि रजा पहलवी को ईरान में वो समर्थन हासिल नहीं है जिससे उनकी छवि जननायक के रूप में पेश की जाए.

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इजरायल दो-दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इधर ईरान अटैक कर रहा है तो उधर लेबनान से हिजबुल्लाह हमले कर रहा है. आज ईरान ने इजरायल के कई शहरों में एक साथ हमला बोला. इजरायल के काफर कसीम में क्लस्टर बम से हमला किया. हमला हमले के बाद काफर कसीम शहर में भारी नुकसान हुआ है. इधर हिज़्बुल्लाह ने क़ंतारा के पास एक इजरायली टैंक पर दूसरे हमले की जिम्मेदारी ली है. देखें एक और एक ग्यारह.

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बांग्लादेश में यात्रियों से भरी बस नदी में गिर गई. हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है. 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचा ली. बस में करीब 40 लोग सवार थे. हादसा राजबाड़ी जिले में दाउलादिया टर्मिनल पर तब हुआ जब बस फेरी पर चढ़ रही थी. इसी दौरान ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और बस सीधे नदी में जा गिरी.

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