
जेलेंस्की को लगेगा जोर का झटका! यूक्रेन के लिए खरीदे गए हथियार मिडिल ईस्ट में इस्तेमाल कर सकते हैं ट्रंप
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पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी सेना और सहयोगी देशों के पास युद्ध लड़ने और जीतने के लायक संसाधन हों, रक्षा मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा. नाटो ने कहा है कि यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति लगातार की जा रही है.
पश्चिमी एशिया में चल रही जंग के कारण दुनिया में ऊर्जा संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दुनियाभर के देश पेट्रोल-डीजल और एलपीजी-पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चिंता में हैं. वहीं, अब एक रिपोर्ट ऐसी आई है, जो रूस के साथ जंग लड़ रहे यूक्रेन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की टेंशन बढ़ाने वाली है.
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका, यूक्रेन के लिए खरीदे गए कुछ हथियार मिडिल ईस्ट की लड़ाई में इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मंत्रालय) इस बात पर विचार कर रहा है कि यूक्रेन के लिए खरीदे गए कुछ हथियार पश्चिम एशिया की ओर मोड़ दिए जाएं.
इससे जुड़े तीन लोगों से मिली जानकारी के हवाले से वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से अमेरिकी सेना के लिए अहम हथियारों की आपूर्ति का दबाव बढ़ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका जिन हथियारों को दूसरी दिशा में भेजने पर विचार कर रहा है, उनमें एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलें भी शामिल हैं.
ये मिसाइलें पिछले साल शुरू की गई नाटो की एक पहल के तहत खरीदी गई थीं. इस पहल के तहत नाटो में शामिल देश अमेरिका से हथियार खरीदकर यूक्रेन को उपलब्ध कराते हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार इसे लेकर अमेरिका के विदेश विभाग या रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
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पेंटागन के एक प्रवक्ता के हवाले से अखबार ने लिखा है कि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेना के पास लड़ने और जीतने के लिए जरूरी संसाधन हों, रक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा. इस बात की चर्चा ऐसे समय में शुरू हुई है, जब अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियान तेज किए हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना की कमान संभाल रहे सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर का भी एक दिन पहले ही बयान आया था.

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