
ईरान पर होगा 'अंतिम प्रहार', पेंटागन है तैयार... ग्राउंड ऑपरेशन के लिए ट्रंप को दिए ये 4 ऑप्शन
AajTak
अमेरिका को अब ईरान के हां या ना का इंतजार है. क्या ईरान बातचीत को राजी है. अगर बातचीत फेल होती है तो पेंटागन ईरान पर 'अंतिम प्रहार' के लिए सैन्य विकल्प तैयार कर रहा है. इसमें जमीनी सेना का इस्तेमाल और बड़े पैमाने पर बमबारी अभियान शामिल हो सकता है. ट्रंप ने भी ऐसे संकेत दिए हैं.
अमेरिका ईरान पर 'अंतिम प्रहार' करने के विकल्पों पर काम कर रहा है. इसके तहत अमेरिका अपने सैनिकों को ईरान में उतार सकता है और ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी कर सकता है. अमेरिकी वेबसाइट एक्सियोस ने दो अमेरिकी अधिकारियों और दो जानकार सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी है. इजरायली वेबसाइट इजरायल टाइम्स ने भी इस रिपोर्ट को जारी किया है.
अगर ईरान के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत शुरू करने की कोशिशें कामयाब नहीं होतीं और ईरानी होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही को रोकना और धमकाना जारी रखते हैं, तो अमेरिका एक 'अंतिम चोट' के रूप में इस विकल्प पर विचार कर सकता है.
इस 'अंतिम प्रहार' या 'Final blow' से अमेरिका के दो उद्देश्य साधे जा सकेंगे. तेहरान के साथ भविष्य की बातचीत में उसकी स्थिति मजबूत होगी या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जीत की घोषणा के साथ एकतरफ़ा रूप से युद्ध समाप्त करने का मौका मिल जाएगा.
अधिकारियों ने Axios को बताया कि चार विकल्पों पर चर्चा चल रही है.
अमेरिका इन विकल्पों पर चर्चा कर रहा है
पहला विकल्प होगा खार्ग द्वीप पर कब्जा करना या उसकी घेराबंदी करना. ये द्वीप ईरान का तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है. अगर इस द्वीप पर अमेरिका का कब्जा हो जाता है तो इससे ईरान की कमर ही टूट जाएगी.

दक्षिण लेबनान के टायर शहर से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष का असर अब आम लोगों की रोजी-रोटी पर साफ दिखाई दे रहा है. यहां करीब 1500 मछुआरे पिछले दो हफ्तों से समुद्र में नहीं उतर पा रहे हैं, जिससे उनका काम पूरी तरह ठप हो गया है. तट पर खाली पड़ी नावें और जाल ठीक करते मछुआरे इस संकट की गवाही दे रहे हैं. मछली पकड़ना जो कभी उनकी जिंदगी और आजीविका का आधार था.

इजरायल दो-दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है. इधर ईरान अटैक कर रहा है तो उधर लेबनान से हिजबुल्लाह हमले कर रहा है. आज ईरान ने इजरायल के कई शहरों में एक साथ हमला बोला. इजरायल के काफर कसीम में क्लस्टर बम से हमला किया. हमला हमले के बाद काफर कसीम शहर में भारी नुकसान हुआ है. इधर हिज़्बुल्लाह ने क़ंतारा के पास एक इजरायली टैंक पर दूसरे हमले की जिम्मेदारी ली है. देखें एक और एक ग्यारह.

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब और गहरा होता जा रहा है. जहां एक ओर युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और सैन्य दबाव तेज हो गया है. व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि वार्ता अभी डेड एंड पर नहीं पहुंची है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है.

बांग्लादेश में यात्रियों से भरी बस नदी में गिर गई. हादसे में अब तक 23 लोगों की मौत हो गई है. 11 यात्रियों ने तैरकर अपनी जान बचा ली. बस में करीब 40 लोग सवार थे. हादसा राजबाड़ी जिले में दाउलादिया टर्मिनल पर तब हुआ जब बस फेरी पर चढ़ रही थी. इसी दौरान ड्राइवर का कंट्रोल छूट गया और बस सीधे नदी में जा गिरी.

आज महायुद्ध का 27वां दिन है. ट्रंप ने संकेत दिया था कि सीजफायर हो सकता है, लेकिन ईरान ने कहा हमें तो कुछ पता ही नहीं है, किससे बात चीत हो रही है ट्रंप की? तो 27वें दिन भी लड़ाई रुकी नहीं है. ईरान दावे कर रहा है हम अमेरिका को सबक सिखा रहे हैं. उधऱ अमेरिका कह रहा है कि रुक जाओ नहीं तो कहीं के नहीं बचोगे. देखें बुलेटिन.

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच गई है. लड़ाई कम होने के कोई साफ संकेत नहीं दिख रहे हैं और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं. लगातार नए हमले, बढ़ते हताहत और तीखी बयानबाजी से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है. दुनियाभर की नजर रणनीतिक रूप से बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर बनी हुई है. कई देशों ने इस रास्ते से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है.

अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के लिए डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने और बदले में यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि डोनबास छोड़ने से न केवल यूक्रेन की सुरक्षा कमजोर होगी, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा.

आज महायुद्ध का 27वां दिन है और 27वें दिन भी लड़ाई रुकी नहीं है. हमले जारी हैं. युद्ध की वज से तेल अवीव में के अस्पताल भरे पड़े हैं. आजतक की टीम तेल अवीव के एक अस्पताल पहुंची.यहां अस्पताल की पार्किंग में मरीजों का उपचार जारी है. जहां दिखाया गया कि हमलों में जख्मी लोगों का कैसे इलाज हो रहा है. देखिए रिपोर्ट.

अमेरिकी प्रशासन वर्तमान में सैन्य विजय और कूटनीतिक निकास के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहा है. राष्ट्रपति का लक्ष्य आगामी चुनावों और आर्थिक स्थिरता हेतु संघर्ष को सीमित करना है, जबकि रक्षा विभाग 'अधिकतर दबाव' की नीति पर अड़ा है. इस द्वंद्व के बीच वैश्विक तेल बाजार की नजरें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं.




