
कुवैत में नेताओं की हत्या की साजिश नाकाम, 6 आरोपी गिरफ्तार, सामने आया हिज़्बुल्लाह कनेक्शन
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कुवैत में कई नेताओं के कत्ल की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अब उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है. पकड़े गए आरोपियों का संबंध हिज़्बुल्लाह से बताया जा रहा है. इस केस में 14 अन्य संदिग्ध फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. पढ़ें पूरी कहानी.
खाड़ी देश कुवैत में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जहां देश के नेताओं की हत्या की योजना बनाई जा रही थी. कुवैत गृह मंत्रालय (Kuwait Ministry of Interior) ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ईरान समर्थित आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) से जुड़े हुए हैं. इस खुलासे के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.
गृह मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 6 लोगों पर आरोप है कि वे कुवैत के शीर्ष नेताओं की हत्या की साजिश रच रहे थे. यह साजिश काफी समय से तैयार की जा रही थी और इसमें कई लोगों की भूमिका सामने आई है. अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जो देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पहुंचा सकता था. समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया गया, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया.
जांच एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से 5 आरोपी कुवैती नागरिक हैं. यह बात इस मामले को और भी गंभीर बनाती है क्योंकि इसमें स्थानीय लोगों की संलिप्तता सामने आई है. सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लोगों को किस तरह से भर्ती किया गया और उन्हें किसने निर्देश दिए.
गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस साजिश से जुड़े 14 अन्य संदिग्ध देश छोड़कर फरार हो चुके हैं. इनमें 5 कुवैती नागरिक, 5 ऐसे कुवैती शामिल हैं जिनकी नागरिकता पहले ही रद्द की जा चुकी है, जबकि 2 ईरानी और 2 लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं. इन सभी की तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं.
पीटीआई के अनुसार, जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं. उन्होंने स्वीकार किया है कि वे जासूसी गतिविधियों में शामिल थे और एक आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे थे. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि वे देश के भीतर अस्थिरता फैलाने की योजना बना रहे थे.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस साजिश के तार विदेशों से जुड़े हो सकते हैं. खास तौर पर ईरान समर्थित नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है. यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस साजिश को अंजाम देने के लिए बाहरी फंडिंग या लॉजिस्टिक सपोर्ट मिला था.

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