
डोनबास का इलाका रूस का, यू्क्रेन को सुरक्षा की गारंटी... सीजफायर पर ट्रंप का नया फॉर्मूला
AajTak
अमेरिका ने यूक्रेन-रूस युद्ध को समाप्त करने के लिए डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने और बदले में यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देने का प्रस्ताव रखा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि डोनबास छोड़ने से न केवल यूक्रेन की सुरक्षा कमजोर होगी, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा.
अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है. इसके तहत डोनबास का पूरा इलाका रूस को सौंपने के बदले यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी दी जाएंगी. जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि डोनबास छोड़ने से न सिर्फ यूक्रेन की सुरक्षा कमजोर होगी, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा भी प्रभावित होगी, क्योंकि इस क्षेत्र में यूक्रेन की मजबूत रक्षात्मक ताकत रूस के हाथ लग जाएंगी.
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में ये खुलासा किया है. उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने सुरक्षा गारंटी के बदले डोनबास क्षेत्र को रूस के हवाले करने की शर्त रखी है.
उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच यूक्रेन-रूस युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए कीव पर भारी दबाव डाल रहा है. इस साल अबू धाबी और जिनेवा में त्रिपक्षीय वार्ता के तीन दौर हो चुके हैं, लेकिन डोनबास की वापसी और सुरक्षा के वित्तपोषण पर पेच फंसा हुआ है. जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि डोनबास से पीछे हटना न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए बड़ा समझौता होगा.
अमेरिका पर दबाव डालने का आरोप
जेलेंस्की के अनुसार, मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान संकट का असर राष्ट्रपति ट्रंप के फैसलों पर पड़ रहा है. ट्रंप अब चार साल पुराने इस युद्ध को तेजी से खत्म करने की रणनीति अपना रहे हैं. जेलेंस्की ने कहा कि दुर्भाग्य से अमेरिकी पक्ष अब यूक्रेन पर अधिक दबाव डालने की रणनीति अपना रहा है. उनका मानना है कि ट्रंप का रुख काफी व्यावहारिक है और वो किसी भी कीमत पर जल्द शांति चाहते हैं.
जेलेंस्की की चिंताएं

ईरानी मीडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सैन्य सूत्र ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के द्वीपों पर हमला हुआ तो वह 'बाब अल-मंडेब' स्ट्रेट में एक नया मोर्चा खोल सकता है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक है. यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के बीच होने वाले तेल और गैस का अधिकांश ट्रांसपोर्टेशन इसी रास्ते से होता है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मिडिल ईस्ट संघर्ष पर चिंता जताते हुए फ्रांसीसी राजनयिक जीन आर्नो को विशेष दूत नियुक्त किया है. उन्होंने कहा कि हालात नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं और बड़े युद्ध का खतरा बढ़ रहा है. गुटेरेस ने शांति वार्ता को जरूरी बताते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से वैश्विक आपूर्ति पर असर की चेतावनी दी. उन्होंने अमेरिका-इजरायल से युद्ध खत्म करने और ईरान व हिज़्बुल्लाह से हमले रोकने की अपील की.

ईरान जंग शुरु होते ही पाकिस्तान ने अपने यहां पेट्रोल-डीजल में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा कर दिया गया. जनता के गुस्से को शांत करने के लिए शहबाज-मुनीर ने पाकिस्तान के मध्यस्थ बनने का दांव खेला पाकिस्तान के लोगों का ही दावा है कि विदेशी मीडिया से पाकिस्तान के मध्यस्थ होने को लेकर खबरें छपवाईं. लेकिन ईरान ने पाकिस्तान हकीकत उसका होर्मुज से जहाज रोककर बता दी. अब पाकिस्तान के लोग ही पूछ रहे हैं कि जब हमारा एक जहाज होर्मुज पार नहीं कर सकता. तो हम मध्यस्थ क्या खाक बनेंगे.

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.









