
टीवी-फिल्मों में काम का झांसा, एक्ट्रेस बनाने का वादा और ठग लिए 24 लाख... दिल्ली में फर्जी प्रोड्यूसर गैंग का भंडाफोड़
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फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये हड़पने वाले ठगों का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस गैंग की महिला सदस्य समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक छात्रा को प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बनकर 24 लाख रुपये तक चूना लगाया.
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली और लखनऊ से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो फिल्म और टीवी सीरियल्स में काम दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठते थे. गिरफ्तार आरोपियों में तरुण शेखर शर्मा और भावना उर्फ आशा सिंह शामिल हैं. ये दोनों खुद को कभी टीवी प्रोड्यूसर, कभी डायरेक्टर और कभी एचआर डायरेक्टर बताकर एक्टिंग के शौकीन लड़के-लड़कियों को जाल में फंसाते थे.
दरअसल, यह मामला डाबड़ी इलाके की एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया. शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी बेटी एक्टिंग और मॉडलिंग का कोर्स कर रही थी और काम की तलाश में सोशल मीडिया पर एक्टिव थी, तभी उसे एक पेज पर बड़े टीवी चैनल के मशहूर सीरियल में नए कलाकारों की आवश्यकता का विज्ञापन दिखा. जब उसने लिंक पर क्लिक किया तो वह वॉट्सऐप चैट पर पहुंच गई.
वहां एक शख्स ने खुद को डायरेक्टर पीयूष शर्मा बताया, यह भी कहा कि वह एक फेमस टीवी शो में रह चुका है. इसी के साथ लड़की से उसने पोर्टफोलियो मंगवाया. इसके बाद उसने लड़की को एक कथित बड़े प्रोड्यूसर से मिलवाया, जिसने उसका पोर्टफोलियो देखने के बाद एचआर डायरेक्टर का नंबर दिया. इसके बाद पीड़िता से अलग-अलग बहानों से बड़ी रकम मांगी गई. भरोसा इतना गहरा किया गया कि पीड़िता ने करीब 24 लाख रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन जैसे ही पैसे मिल गए, ठगों ने उसे ब्लॉक कर दिया.
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने इस मामले की तफ्तीश शुरू की. जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने मनी ट्रेल और टेक्निकल फुटप्रिंट को फॉलो किया तो पुलिस को पता चला कि आरोपी बातचीत करने के लिए सिर्फ वॉट्सएप कॉल करते हैं. कभी मध्यप्रदेश, कभी गुजरात, कभी कर्नाटक तो कभी केरल के प्रीमियम होटलों से बातचीत करते थे, ताकि उनकी असली लोकेशन ट्रेस न हो सके. लगातार कोशिशों के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और लखनऊ व दिल्ली में एक साथ छापा मारकर दोनों को दबोच लिया. पुलिस ने इनके पास से 7 स्मार्टफोन, 10 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड और 15 अलग-अलग बैंकों के चेकबुक-पासबुक बरामद किए हैं.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपी तरुण और भावना ने यूट्यूब वीडियोज देखकर सीखा था कि लोगों से किस तरह बात करनी है और भरोसा जमाना है. वे एक्टिंग की दुनिया में करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं को बड़े प्रोजेक्ट्स और बड़े बैनर का नाम लेकर फंसाते थे. ठगी से मिले पैसों से दोनों देशभर के महंगे होटलों में ठहरते और रईसों जैसी जिंदगी जीते थे. पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में कर ठगी के चार मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन आशंका है कि इन दोनों बंटी बबली ने मिलकर अब तक कई लोगों को सपने दिखाकर ठग चुके हैं.

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