
झारखंड: ताजमहल जैसी ही है 300 साल पुराने इस गुलाब के पौधे की कहानी, अब तक बिखेर रहा है खुशबू
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हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बादम गांव में एक गुलाब का पौधा पिछले 300 सालों से अपनी महक बिखेर रहा है. इसे अब प्रेम के प्रतीक के रूप में जाना जाता है. दरअसल, राजा दलेल सिंह के पुत्र पुरुषोत्तम सिंह और उनकी पत्नी में काफी गहरा प्रेम था. दोनों ने मिलकर इस पौधे को लगाया था.
झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के बादम गांव में एक गुलाब का पौधा 300 से ज्यादा सालों से अपनी खुशबू बिखेर रहा है. गुलाब के सैकड़ों साल पुराने इस पौधे के पीछे एक ताजमहल जैसी ही एक प्रेम कहानी है. बुजुर्गों का कहना है किरामगढ़ के राजा दलेल सिंह की बहू ने यह गुलाब का पौधा लगाया था. तब से लेकर आज तक इसमें फूल लगते आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि राजा दलेल सिंह के पुत्र पुरुषोत्तम सिंह अपनी पत्नी से बेहद प्रेम करते थे. फिर इस परिवार में कुछ ऐसा हुआ कि यह गुलाब का पौधा आज भी उनके प्यार की अमिट निशानी बन गया.

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