
'जो देश इनोवेशन को महत्व नहीं देता, उसका विकास रुक जाता है', मन की बात में बोले मोदी
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प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि जो देश इनोवेशन को महत्व नहीं देता, उसका विकास रुक जाता है. भारत का इनोवेशन हब बनना, इस बात का प्रतीक है कि हम रुकने वाले नहीं है. उन्होंने बताया कि 2015 में हम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें रैंक पर थे, आज हम 40वीं रैंक पर हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 108वें एपिसोड को संबोधित किया. इसमें पीएम मोदी ने खास तौर पर फिटनेस पर चर्चा की. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जो देश इनोवेशन को महत्व नहीं देता, उसका विकास रुक जाता है. भारत का इनोवेशन हब बनना, इस बात का प्रतीक है कि हम रुकने वाले नहीं है. 2015 में हम ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें रैंक पर थे, आज हम 40वीं रैंक पर हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा, हमने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ और ‘मेरी माटी मेरा देश’ ऐसे सफल अभियान का अनुभव किया. इसमें करोड़ों लोगों की भागीदारी के हम सब साक्षी हैं. 70 हजार अमृत सरोवरों का निर्माण भी हमारी सामूहिक उपलब्धि है.
पीएम मोदी ने कहा, इस वर्ष भारत में फाइल होने वाले पेटेंट्स की संख्या ज्यादा रही है, जिसमें करीब 60 फीसदी डोमेस्टिक फंड्स के थे. क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इस बार सबसे अधिक संख्या में भारतीय यूनिवर्सिटी शामिल हुईं. अगर इन उपलब्धियों की लिस्ट बनाना शुरू करें तो ये कभी पूरी ही नहीं होगी. ये तो सिर्फ झलक है कि भारत का सामर्थ्य कितना प्रभावी है - हमें देश की इन सफलताओं से, देश के लोगों की इन उपलब्धियों से, प्रेरणा लेनी है, गर्व करना है, नए संकल्प लेने हैं.
हमारे यहां 108 का विशेष महत्व: पीएम मोदी
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम ने कहा, मन की बात का ये 108वां अंक है और हमारे यहां 108 अंक का विशेष महत्व है. माला में 108, 108 जप, 108 दिव्य क्षेत्र, 108 सीढ़ियां, 108 घंटियां, 108 का अंक असीम आस्था से जुड़ा हुआ है. इसलिए मन की बात 108 का एपिसोड खास हो गया है. इसमें जनभागीदारी के कितने उदाहरण देखे हैं. इस पड़ाव पर पहुंचने पर हमें और तेजी से बढ़ने का संकल्प लेना है. कल का सूर्योदय 2024 का प्रथम सूर्योदय होगा. अब इस पड़ाव पर पहुंचने के बाद हमें नए सिरे से, नई ऊर्जा के साथ और तेजगति से बढ़ने का संकल्प लेना है.
उन्होंने कहा, मन की बात सुनने वाले कई लोगों ने मुझे पत्र लिखकर अपने यादगार पल साझा किए हैं. ये 140 करोड़ भारतीयों की ताकत है कि इस वर्ष हमारे देश ने कई विशेष उपलब्धियों हासिल की हैं. इसी साल नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास हुआ, जिसकी प्रतीक्षा सालों से थी. बहुत सारे लोगों ने पत्र लिखकर भारत के 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर खुशी जाहिर की. अनेक लोगों ने मुझे जी20 समिट की सफलता दिलाई. आज भारत का कोना-कोना आत्मविश्वास से भरा हुआ है. विकसित भारत की भावना से आत्मनिर्भरता की भावना से ओत प्रोत है.

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