
जॉर्ज पंचम के दौर के सोने के सिक्के, जो गुजरात से MP तक बन गए हैं रहस्य
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अलीराजपुर जिले में सोंडवा थाने के टीआई विजय देवड़ा और तीन कांस्टेबल पर सोने के 240 सिक्के चोरी करने का आरोप है. इसको लेकर जांच अब गुजरात के नवसारी जिले में केंद्रित हो गई है. एसआईटी की दूसरी टीम शिकायत करने वाले परिवार को लेकर गुजरात पहुंच गई है और वहां जांच कर रही है.
एमपी के अलीराजपुर में चार पुलिसवालों ने आदिवासी परिवार से सोने के 240 सिक्के चोरी किए थे. इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है. इसको लेकर चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. इस मामलों में थाना प्रभारी समेत चारों पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.
अलीराजपुर जिले के सोंडवा थाने के टीआई विजय देवड़ा और तीन कांस्टेबल पर सोने के 240 सिक्के चोरी करने का आरोप है. इसको लेकर जांच अब गुजरात के नवसारी जिले में केंद्रित हो गई है. एसआईटी की दूसरी टीम बैजड़ा गांव की रमकुबाई और उसके परिवार को लेकर गुजरात गई है और वहां बेलीमोरा गांव में उस मकान मालिक से पूछताछ कर रही है, जिसके मकान को तोड़ने का ठेका रमकुबाई परिवार ने लिया था.
खुदाई में मिले थे 240 सोने के सिक्के
साथ ही बेलीमोरा पुलिस और राजस्व विभाग से भी यह जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है कि क्या सोने के सिक्के चोरी होने के मामले में उन्हें कोई शिकायत मिली है. इस मामले में फरियादी बनी रमकुबाई का कहना है कि नवसारी के बेलीमोरा गांव में एक पुराने मकान को गिराने के दौरान खुदाई में उसे और उसके परिवार को यह सोने के 240 सिक्के मिले थे और वह इन सिक्कों को लेकर अपने गांव बैजडा आ गए थे और उन्हें अपने घर की कच्ची जमीन में गाड़ दिया था. इसी बीच सोंडवा थाने के टीआई विजय देवड़ा और कांस्टेबल राकेश, वीरेंद्र, सुरेंद्र सिविल ड्रेस में उसके घर पहुंचे और उनसे बदसलूकी. आरोप है कि मारपीट कर उनके सिक्के लेकर चले गए. इस मामले में 20 जुलाई को पुलिस से शिकायत की गई और 21 जुलाई को पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.
तीन कांस्टेबल की गिरफ्तारी के प्रयास
इस मामले में गठित SIT की दूसरी टीम आरोपी निलंबित टीआई विजय देवड़ा और तीन अन्य कांस्टेबलों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है. साथ ही चोरी किए गए सिक्कों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं. इसी बीच बैजड़ा गांव के उस घर से पुलिस को एक गिरा हुआ सिक्का खुदाई में मिला है, जिसका स्थानीय बाजार में परीक्षण करवाए जाने पर वह सिक्का ब्रिटिश टकसाल में 1922 में बना पाया गया जो लिमिटेड एडिशन था.

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