
जीत के बाद NSUI का बढ़ा जोश, कहा- पंजाब यूनिवर्सिटी जीत लिया, अब डीयू की बारी है
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पंजाब यूनिवर्सिटी में NSUI ने इस साल छात्र संघ चुनाव में जीत का परचम लहराया है. अध्यक्ष पद के विजेता बठिंडा के पीएचडी स्कॉलर जतिंदर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद वे खुश हैं. सभी छात्रों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस बार मुझे पंजाब यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, यह मेरे लिए खुशकिस्मती है.
यह चुनाव काफी रोचक रहा. चुनाव में भाजपा की छात्र विंग ABVP और आप पार्टी के छात्र विंग CYSS को भी करारी मात मिली. एनएसयूआई ने दोनों दलों को हरा कर पंजाब विश्वविद्यालय से बाहर का रास्ता दिखलाया. वहीं INSO+SOI(अकाली दल का छात्र विंग )+HPSU के गठबंधन के प्रधान उम्मीदवार को भी शिकस्त मिली है.
कहा जा रहा है कि इस चुनाव में INSO के महासचिव को जो वोट पड़े वो गठबंधन के प्रधान को नहीं पड़े. इस बार इनसो की जीत सांप छछूंदर की कहानी की बन गई है. वहीं कैंपस विश्लेषक मान रहे हैं कि NSUI की अकेले प्रधान पद पर चुनाव लड़ने की रणनीति के चलते जीत हासिल हुई. अध्यक्ष पद के विजेता बठिंडा के पीएचडी स्कॉलर जतिंदर सिंह ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद वे खुश हैं. सभी छात्रों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस बार मुझे पंजाब यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, यह मेरे लिए खुशकिस्मती है.
एएनआई से बात करते हुए जतिंदर सिंह ने कहा कि हमारी लड़ाई सरकार के खिलाफ है. हमने हमेशा कहा है कि छात्र सरकार को यहां शासन नहीं करने देंगे. चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद एनएसयूआई ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'पंजाब यूनिवर्सिटी जीत गई, अब दिल्ली यूनिवर्सिटी की बारी है...'. पिछले साल जीत हासिल करने वाला आम आदमी पार्टी का छात्र संगठन छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) इस बार तीसरे स्थान पर रहा.
चुनाव से पहले, आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में एक छात्रावास बनाने के लिए अनुदान दिया था. जितंदर सिंह ने ने कहा कि इसके बावजूद उसका छात्र संघ सीवाईएसएस पंजाब यूनिवर्सिटी के चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका.

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