
जिनपिंग चीन में बसा रहे फ्यूचर सिटी... मेरिट बेस्ड रेसिडेंसी सिस्टम होगा, ज्यादा पढ़े-लिखे और टैक्स देने वाले लोग रहेंगे
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चीन का हुको सिस्टम नागरिकों के निवास को नियंत्रित करता है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करता है. यह प्रणाली ऐतिहासिक रूप से शहरी और ग्रामीण निवासियों के बीच असमानता का कारण रही है.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक अति महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका नाम है- सिटी ऑफ द फ्यूचर. इस प्रोजेक्ट के तहत सरकार इस शहर में बेहद पढ़े-लिखे और ज्यादा टैक्स चुकाने वाले लोगों को बसाने जा रही है. इस फ्यूचर सिटी का नाम शियोंगान (Xiongan) है. इसे बीजिंग से लगभग 125 किलोमीटर दक्षिण में बनाया जा रहा है. इसे स्मार्ट सिटी के तौर पर डिजाइन किया गया है.
इस स्मार्ट सिटी में भूमिगत लॉजिस्टिक्स सिस्टम, सिटी ब्रेन डेटा सेंटर और पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचा शामिल है. यह शहर लगभग 650 वर्ग मील क्षेत्र में फैला हुआ है, जहां लगभग 30 लाख की आबादी को बनाने की योजना है. सरकार और सिटी प्लानर्स 2017 से इस प्रोजेक्ट पर 835 अरब युआन खर्च किए हैं.
शियोंगान जैसे नए शहरों में मेरिट-बेस्ड रेजिडेंसी सिस्टम लागू किया जाएगा. यानी इस शहर में मेरिट के आधार पर लोगों को बसाया जाएगा, जहां उच्च शिक्षा, तकनीकी कौशल और ज्यादा टैक्स देने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी. शियोंगआन में यह सिस्टम उच्च गुणवत्ता वाली प्रतिभाओं को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो शहर को तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा.
चीन का हुको सिस्टम नागरिकों के निवास को नियंत्रित करता है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं तक पहुंच को प्रभावित करता है. यह प्रणाली ऐतिहासिक रूप से शहरी और ग्रामीण निवासियों के बीच असमानता का कारण रही है।
हाल के वर्षों में, चीन ने हुको सिस्टम में सुधार किए हैं, जिसमें रेजिडेंस परमिट पॉइंट्स सिस्टम शुरू किया गया है. यह सिस्टम शहरों में प्रवासियों को उनके शिक्षा, कौशल, रोजगार अनुभव और टैक्स योगदान के आधार पर अंक देता है. इस सिस्टम का उद्देश्य बड़े शहरों में जनसंख्या को नियंत्रित करना और उच्च-शिक्षित, कुशल और आर्थिक रूप से योगदान देने वाले लोगों को प्राथमिकता देना है.
जिनपिंग ने शियोंगान को चीन के भविष्य के मॉडल के रूप में देखा है, जो उनके Chinese Dream और राष्ट्रीय कायाकल्प की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है. यह शहर न केवल तकनीकी नवाचार का केंद्र होगा, बल्कि यह चीन के शहरीकरण मॉडल को भी परिभाषित करेगा, जिसमें मेरिट-बेस्ड सिस्टम के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली आबादी को प्राथमिकता दी जाएगी.

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