
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल की बहस पर बवाल, सदन दो बार स्थगित
ABP News
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल की बहस पर सत्ता पक्ष-विपक्ष में भारी हंगामा हुआ. विधानसभा में कार्यवाही दो बार स्थगित हुई. मामला अब सोमवार तक टल गया है.
राजस्थान विधानसभा में आज (21 फरवरी) सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया. जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार हंगामा देखने को मिला. सदन के अंदर ही दोनों पक्षों के विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक और बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते बड़े टकराव में बदल गई. हालात इतने बिगड़ गए कि विधानसभा की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा. शोर-शराबे और हंगामे के कारण सदन का कामकाज ठप हो गया और फिलहाल विधानसभा की कार्यवाही अभी भी स्थगित बनी हुई है.
दरअसल, राजस्थान विधानसभा में आज 2 साल बनाम 5 साल के कामकाज पर चर्चा होनी थी. BAC यानी बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में यह तय भी हो गया था. दोपहर को तय समय पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने जो प्रस्ताव रखा, वह सिर्फ मौजूदा सरकार की 2 साल की उपलब्धियों पर था. इस पर विपक्ष ने एतराज जताया और 2 साल बदाम 5 साल चर्चा कराए जाने की मांग की. कानून मंत्री जोगाराम पटेल की कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी बहस हुई.
इस पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. घंटे भर बाद सदन में फिर से हंगामा शुरू हो गया और उसे दोबारा स्थगित करना पड़ा. कांग्रेस पार्टी की तरफ से नेता विपक्ष टीकाराम जूली और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया के सामने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. कहा, सरकार के पास बताने के लिए कुछ नहीं है इसलिए वह चर्चा से भाग रही है.
कांग्रेस ने सीएम भजनलाल शर्मा को चुनौती देते हुए कहा है कि उन्हें 2 साल बनाम 5 साल पर चर्चा करनी चाहिए. सदन में सत्ता पक्ष की तरफ से खुद सीएम भजनलाल सरकार का पक्ष रखें. विपक्ष की तरफ से वह जिस भी विधायक को चाहे उससे बहस कर ले. सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक-एक घंटे अपनी बात रखनी होगी. लेकिन शर्त यह होगी कि दोनों ही पक्षों को बिना लिखा हुआ भाषण ही देना होगा.













