
जब फैसले हमारे हैं तो विदेश की ओर क्यों देखें? शपथ से पहले जस्टिस सूर्यकांत का स्वदेशी न्यायशास्त्र मंत्र
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जस्टिस सूर्यकांत कल 24 नवंबर को 53वें CJI के रूप में शपथ लेने वाले हैं. इसके लिए सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं. शपथ ग्रहण में 6 देशों के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होने वाले हैं.
जस्टिस सूर्यकांत ने CJI के तौर पर शपथ लेने से पहले मीडिया से बात की और वर्तमान CJI गवई के स्वदेशी कानून के आह्वान को दोहराया. उन्होंने स्वदेशी न्यायशास्त्र की वकालत करते हुए तारीफ की.
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 75 सालों से सुप्रीम कोर्ट की बेंच की ओर से फैसला सुनाए जा रहे हैं. भारत में कानूनी सिद्धांत विकसित किए जा रहे हैं. इसके बावजूद हमें दूसरे देशों के फैसलों पर निर्भर क्यों रहना चाहिए? इसके लिए स्वदेशी न्यायशास्त्र बेहद अहम है.
भव्य होगा शपथ ग्रहण
जस्टिस सूर्यकांत से उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाले कई देशों के जजों और मुख्य न्यायाधीशों को दिए गए निमंत्रण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका कई देशों में बहुत सम्मानित और प्रशंसित है. इस दौरान उन्होंने भारत और अन्य देशों के बीच पारस्परिक आदान-प्रदान और विचारों के बारे में खुलकर बात की.
कई दिग्गज चेहरे होंगे शामिल
जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह में कई देशों के चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होने वाले हैं. इनमें श्रीलंका, नेपाल, भूटान, केन्या और अन्य देशों के अतिथि के नाम शामिल हैं.

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