
जब गांधारी के श्राप ने उजाड़ दिया था पूरा यदुवंश, ऐसे हुई थी भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु
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भगवान श्रीकृष्ण की मृत्यु से 36 साल पहले ही दुर्योधन की मां गांधारी ने मौत का श्राप दे दिया था. श्राप के अनुसार ही ठीक 36 साल बाद एक शिकारी का बाण भगवान के पैरों में लग गया. इसके बाद शिकारी ने तुरंत श्रीकृष्ण के पास पहुंचकर क्षमा मांगी. तब श्रीकृष्ण ने बताया कि कैसे उनकी मृत्यु पहले से ही निश्चित थी.
भारत में 6 और 7 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा. भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि इस बार 6 सितंबर दोपहर 03.38 से शुरू होकर 7 सितंबर शाम 4.14 बजे समाप्त होगी. भारत के अलग-अलग हिस्सों में जन्माष्टमी का त्योहार भव्य तरीके से मनाया जाता है. भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण की लीलाओं से शायद ही कोई अंजान होगा. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म तो जेल में हुआ लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी मृत्यु कैसे हुई?
दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण को एक श्राप मिला था. भगवान श्रीकृष्ण को यह श्राप दुर्योधन की मां गांधारी ने दिया था. गांधारी ने दुर्योधन की मौत पर विलाप करते हुए श्रीकृष्ण से कहा था कि वह श्राप देती है कि 36 साल बाद आपकी मृत्यु हो जाएगी. श्राप के ठीक अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के पैर के तलवे में एक शिकारी ने बाण मार दिया. जिसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने इसी को बहाना बनाकर संसार त्याग दिया.
गांधारी ने कब दिया था श्रीकृष्ण को मृत्यु का श्राप बात उस समय की है, जब कुरुक्षेत्र का युद्ध शांत हो चुका था. युद्ध के बाद श्रीकृष्ण पांडवों के साथ गांधारी और धृतराष्ट्र के पास उनके बेटे दुर्योधन की मौत पर शोक जाहिर करने और उन दोनों से क्षमा मांगने पहुंचे थे.
उस समय दुर्योधन की मां गांधारी ने श्रीकृष्ण से कहा, 'आप द्वारकाधीश हैं, जिनकी पूजा मैंने खुद विष्णु अवतार मानकर की. क्या आप अपने किए पर जरा भी शर्मिंदा हैं? आप चाहते तो दिव्य शक्तियों से युद्ध टाल सकते थे. बेटे की मौत पर आंसू बहाने वाली एक मां का दुख तुम खुद अपनी मां देवकी से जाकर पूछो, जिसने अपने सात बच्चों को अपनी आंखों के आगे मरते देखा है.'
इसके बाद दुर्योधन की माता गांधारी ने भगवान कृष्ण को श्राप दिया. उन्होंने कहा, 'अगर भगवान विष्णु के प्रति मेरी आस्था सच्ची रही है तो 36 साल बाद तुम जीवित नहीं रहोगे. द्वारका तो तबाह होगा ही, यादव वंश का हर इंसान एक दूसरे के खून का प्यासा हो जाएगा.' इतना कहकर गांधारी भगवान कृष्ण के पैरों में गिरकर रोने लगी.
श्रीकृष्ण ने गांधारी को उठाते हुए कहा कि आपके श्राप का असर एक दिन जरूर होगा. भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि यह सिर्फ मेरे प्रति सच्ची श्रद्धा की वजह से नहीं बल्कि बदलते समय की वजह से भी होगा.

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