
जगद्गुरु रामभद्राचार्य की WIFE वाली फुलफॉर्म में कितनी सच्चाई? जानें- वाइफ शब्द पत्नी के तौर पर कैसे प्रयोग होने लगा
AajTak
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सोशल मीडिया पर WIFE शब्द का एक नया अर्थ समझाया, जिसमें उन्होंने इसे आनंद का साधन बताया. उनका यह बयान वायरल होने के बाद चर्चा में बना हुआ है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों जगद्गुरु रामभद्राचार्य का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वे 'WIFE' शब्द का एक अलग ही अर्थ समझाते नजर आते हैं. उनका कहना है कि अंग्रेजी के इस शब्द में छिपे अक्षरों का अपना-अपना भाव है.
वीडियो में जगद्गुरु रामभद्राचार्य कहते हैं—
“WIFE मतलब… W = Wonderful I = Instrument F = For E = Enjoy
ट्रोल हो रहे हैं जगद्गगुरु रामभद्राचार्य यानी हिंदी में कहें तो पत्नी ‘आनंद का साधन’ है. वह Wife शब्द के अर्थ को इन्जॉयमेंट के टूल के तौर बताते हैं. उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है. कई लोग इसे व्यंग्य के तौर पर ले रहे हैं.
उधर, सोमवार को जगद्गुरु रामभद्राचार्य संभल में थे. इस दौरान उन्होंने अपने बयान पर हो रही ट्रोलिंग को लेकर कहा- 'मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा. ये अंग्रेजों की ही व्याख्या है, लिखित में है. हमारे देश में डाइवोर्स नहीं था, ये थोपा गया.'
कहां से आया वाइफ शब्द? खैर, ये तो आचार्य रामभद्राचार्य की बात हुई, लेकिन इस बात पर गौर करते हैं कि वाकई 'वाइफ' शब्द आया कहां से. दिलचस्प बात यह है कि ‘wife’ शब्द का इतिहास इससे कहीं अधिक पुराना और जटिल है. अंग्रेजी में 'wife' का शुरुआती अर्थ केवल 'स्त्री या महिला' हुआ करता था. बाद में यह अर्थ बदलते-बदलते 'विवाहित स्त्री' तक बदल गया और इसकी अपनी एक शब्द यात्रा रही है.

देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.

Aaj 18 March 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 18 मार्च 2026, दिन- बुधवार, चैत्र मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी तिथि सुबह 08.25 बजे तक फिर अमावस्या, पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, चंद्रमा- कुंभ में रात 23.36 बजे तक फिर मीन में, सूर्य- मीन में, विजय मुहूर्त- दोपहर 14.30 बजे से दोपहर 15.18 बजे तक, राहुकाल- दोपहर 12.29 बजे से दोपहर 14 बजे तक, दिशा शूल- उत्तर.

Chaitra Navratri 2026: देवी का पालकी में बैठकर आना क्या अशुभ संकेत है? जानें क्या कहता है देवी पुराण
इस साल चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक रहेंगे. मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा वार के हिसाब से वाहन चुनकर आती हैं. इस बार मां का आगमन डोली या पालकी में हो रहा है. आइए जानते हैं कि मां दुर्गा के इस वाहन को लेकर देवी पुराण क्या कहता है.










