
छोटा घर बेचो... बड़ा खरीदो, घर को कैसे Wealth में कंवर्ट करें? एक्सपर्ट ने सुझाए तरीके
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Property Tips: सही योजना बनाकर आप बिना बोझ के अपना घर खरीदने का सपना साकार कर सकते हैं और साथ ही संपत्ति भी बना सकते हैं. ऐसी प्रॉपर्टी खरीदें जहां कीमत बढ़ने की संभावना हो, ऐसी लोकेशन पर प्रॉपर्टी न खरीदें जहां पहले से कीमतें अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं.
भारत के शहरों में रियल एस्टेट (Real Estate) के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसे में होम लोन (Home Loan) लेने वाले उपभोक्ताओं की मासिक आय का बड़ा हिस्सा लोन की EMI चुकाने में निकल जाता है. हालांकि घर खरीदने का अर्थ यह नहीं होना चाहिए कि आप लंबे समय तक आर्थिक बोझ से दब जाएं. सही योजना बनाकर आप बिना बोझ के अपना घर खरीदने का सपना साकार कर सकते हैं और साथ ही संपत्ति भी बना सकते हैं. बेसिक होम लोन के CEO अतुल मोंगा ने कुछ तरीके बताएं हैं, जो घर खरीदने वालों के लिए कारगर साबित हो सकते हैं.
प्रॉपटी लैडरिंग: आज एक छोटा घर खरीदें ताकि आने वाले समय में आप बड़ा घर खरीद सकें. युवा उपभोक्ता छोटे और किफायती घर में निवेश कर सकते हैं, ताकि वे कुछ सालों में आराम से लोन चुका सकें. प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ रही हैं, ऐसे में आने वाले समय में इसे बेचने से अच्छा फायदा होगा. इस राशि को डाउन पेमेंट के रूप में चुकाकर वे बड़ा घर खरीद सकेंगे और इस तरह बिना आर्थिक बोझ के अपना बड़ा घर खरीदने का सपना साकार हो जाएगा.
EMI को असेट में बदलें: अपनी ईएमआई को मासिक खर्च की बजाय बचत बना लें. वेतनभोगी कर्मचारियों को अपने करियर में जल्द ही लंबी अवधि का होम लोन ले लेना चाहिए. हालांकि शुरुआत में ईएमआई बोझ लग सकती है. लेकिन समय के साथ आय बढ़ने से ईएमआई आसानी से मैनेज हो जाएगी. प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ती रहेगी, इस तरह मासिक ईएमआई धीरे-धीरे एक कीमती असेट में बदल जाएगी.
लिव-इन-रेंट-आउट मॉडल: अगर आपने अपनी जरूरत से बड़ा घर खरीदा है, तो आप घर का कुछ हिस्सा रेंट पर देकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं. इससे आपको मासिक ईएमआई चुकाने में मदद मिलेगी. खरीदारों को अपनी हाउसिंग सोसाइटी के नियम, रेंटल के नियम और लोन क्लॉज भी देख लेना चाहिए, क्योंकि कुछ लेंडर्स और सोसाइटीज प्रॉपर्टी को आगे रेंट पर देने की अनुमति नहीं देते. बाय-टू-रेंट रणनीति: नई प्रॉपर्टी में रहने के बजाय आप इसे किराए पर दे सकते हैं, इससे आपको हर महीने नियमित इनकम मिलेगी. ऐसी प्रॉपर्टी खरीदें, जहां रेंटल की मांग और कीमतें बढ़ती की संभावना अधिक हो. आप खुद अपने ऑफिस के आसपास कम रेंट के घर में रहें. इस तरह आप हर महीने कुछ बचत कर सकेंगे और आपके लिए लोन की EMI चुकाना आसान हो जाएगा.
अगर आप संपत्ति बनाना चाहते हैं तो निर्माणाधीन प्रॉपर्टी खरीदें: किसी भी प्रोजेक्ट की शुरुआती अवस्था में निवेश करने से आपको इसके लिए कम कीमत चुकानी पड़ती है, जब तक प्रॉपर्टी पजैशन के लिए तैयार होती है, तब तक इसकी कीमत बढ़ चुकी होती है. इस तरह घर में शिफ्ट होने से पहले ही आप संपत्ति बना लेते हैं. उदाहरण के लिए आपने प्रोजेक्ट शुरू होने के समय 5000 रुपये वर्गफीट पर एक घर खरीदा, तीन साल बाद पजैशन मिलने के समय इसकी कीमत 7000 रुपये वर्गफीट पर पहुंच गई, ऐसे मामले में आपको 1000 वर्गफीट के अपार्टमेंट पर तकरीबन 20 लाख रुपये का फायदा हो जाएगा.
प्रॉपर्टी खरीदते समय लोकेशन पर ध्यान दें: ऐसी प्रॉपर्टी खरीदें जहां कीमत बढ़ने की संभावना हो, ऐसी लोकेशन पर प्रॉपर्टी न खरीदें जहां पहले से कीमतें अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं. बैंगलोर, पुणे और हैदाबाद जैसे उभरे शहरों में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है, ऐसे शहरों में पूर्ण विकसित शहरों के बजाय प्रॉपर्टी की कीमतें जल्दी बढ़ जाती है. इन क्षेत्रों में निवेश कर आज अच्छी संपत्ति कमा सकते हैं.

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