
चॉल में रहा, बिस्कुट बेचकर किया गुजारा, एक्टर ने खूब किया स्ट्रगल, बोला- कई बार...
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मानव कौल फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं. इन्होंने अपने काम के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाई है. आज वो 15 किताबें लिख चुके हैं. और 32 फिल्में कर चुके हैं. मानव ने सिर्फ एक ही रूल अपनी जिंदगी में फॉलो किया है, वो ही कभी हार न मानने का.
साल 1998 में पंजाब मेल लेकर मानव कौल पहली बार मुंबई आए थे. विक्टोरिया टर्मिनस पर उतरे थे और एक्टिंग में करियर बनाने का सोचा था. आज मानव 15 किताबें लिख चुके हैं और 32 फिल्मों कर चुके हैं. मानव ने कभी पीछे मुंड़कर नहीं देखा है. वो सक्सेस की एक के बाद एक सीढ़ी चढ़ते ही जा रहे हैं.
मानव कौल का स्ट्रगल मानव कौल ने अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष किया है. वो एक छोटी सी दुकान चलाते थे, जिसमें बिस्कुट बेचते थे. धीरे-धीरे उन्होंने अपने सर्वाइवल के लिए पतंगें बेचनी शुरू की, जिससे गुजारा हो सके. डांस सिखाना शुरू किया, सिर्फ इतना ही नहीं, मानव नेशनल स्विमिंग चैम्पियन भी बने, लेकिन किस्मत इनकी कहीं और लिखी थी. एक्टिंग की दुनिया में इन्होंने कदम रखा.
मानव की एक प्राइवेट जॉब लगने वाली थी, लेकिन फिर सिर्फ एक प्ले ने उनकी पूरी जिंदगी ही बदल दी. एक दिन उन्होंने सबकुछ छोड़कर मुंबई के लिए पंजाब मेल ले ली. मुंबई उतरे तो वहां की भीड़ देखकर घबरा गए. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. मुंबई में चॉल में रहे. जैसे-तैसे करके मानव के हाथ एक फिल्म लगी, लेकिन वो बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. मानव ने फिर से सबकुछ छोड़ा और फिल्मों से दूर हो गए.
अबतक 15 किताबें लिख चुके मानव दिन में मानव फ्लॉपीज बेचते थे और रात में थियटर करने लगे थे. तब भी इन्होंने हार नहीं मानी. फिर मानव ने एक प्ले बनाया, जिसका नाम था 'ट्रैजेडी'. धीरे-धीरे इन्होंने किताब लिखनी शुरू की जो दर्शकों के बीच काफी पसंद की गईं. 15 किताबें ये अबतक लिख चुके हैं और हिंदी साहित्य को नई जिंदगी दे चुके हैं.
फिल्मों से 12 साल दूर रहने के बाद मानव ने फिर इसमें वापसी की. इस बार फिल्म थी 'काई पो चे'. मानव ने एक अहम किरदार निभाकर दर्शकों को ये बता दिया था कि उनके अंदर काबिलीयत कूट-कूटकर भरी है. मानव ने उसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. विद्या बालन के साथ इनकी फिल्म 'तुम्हारी सुलू' काफी पसंद की गई थी. हर फिल्म, हर सीरीज और हर किरदार मानव ने सच्चाई के साथ निभाया. बतौर एक्टर मानव ने दर्शकों के दिलों में जगह बनाई.
मानव का मानना है कि जिंदगी में अच्छा या बुरा मत गिनों, फायदा या नुकसान मत गिनों, बल्कि ये वो करो जिसे करने में आपको अंदर से खुशी मिलती है. मानव का कहना है कि वो मरते दम तक लिखते रहेंगे. तब तक लिखते रहेंगे, जब तक इंक सूख नहीं जाती.

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