
चीन में अजीत डोभाल, लद्दाख बॉर्डर पर समझौते के बाद आगे बढ़ेगी बात, जानिए क्या आया चीन का बयान
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल चीन के साथ सीमा विवाद मुद्दों पर विदेश मंत्री वांग यी से चर्चा करेंगे. डोभाल की इस यात्रा का मुख्य एजेंडा पूर्वी लद्दाख पर सैन्य गतिरोध की वजह से चार से अधिक साल से मंद पड़ी द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करना है.
भारत और चीन के बीच पांच साल के अंतराल के बाद आज विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक होने जा रही है. यह महत्वपूर्ण बैठक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करने के एजेंडे पर आधारित होगी. इस बैठक में शिरकत करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल चीन पहुंच गए हैं.
इस दौरान डोभाल चीन के साथ सीमा विवाद मुद्दों पर विदेश मंत्री वांग यी से चर्चा करेंगे. डोभाल की इस यात्रा का मुख्य एजेंडा पूर्वी लद्दाख पर सैन्य गतिरोध की वजह से चार से अधिक साल से मंद पड़ी द्विपक्षीय संबंधों को बहाल करना है.
चीन के विदेश मंत्री से मिलेंगे डोभाल
यह वार्ता ऐसे समय पर हो रही है, जब दोनों देशों ने डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों में सैनिकों के पीछे हटने के फैसले को एक समझौते के रूप में लागू किया है. दोनों तरफ से को-ऑर्डिनेटेड पेट्रोलिंग की भी शुरुआत की गई है.
अजीत डोभाल लद्दाख गतिरोध के बाद चीन के साथ संबंधों को बहाल करने के लिए बीजिंग में भारत-चीन विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में हिस्सा लेंगे. चीन के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर की इस 23वीं बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी हिस्सा लेंगे.
इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले चीन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 24 अक्तूबर को ब्रिक्स समिट से इतर रूस के कजान में हुई बैठक के दौरान बनी आम सहमति के आधार पर प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने के लिए तैयार है.

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