
चीन को झटका, भारत को गिफ्ट! किस एजेंडे के साथ जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज आज आ रहे दिल्ली
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जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज आज से तीन दिवसीय (24 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक) दौर पर भारत में रहेंगे. जर्मन चांसलर यहां रक्षा समेत द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देने पर फोकस करेंगे. शुक्रवार को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होगी. उसके बाद वे 7वें अंतर सरकारी परामर्श (IGC) की सह अध्यक्षता करेंगे. इस दौरान उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री भी हिस्सा लेंगे.
जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज गुरुवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं. वे आज रात नई दिल्ली पहुंचेंगे. शुक्रवार को वे यहां प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. उसके बाद वो 7वें अंतर सरकारी परामर्श (IGC) में हिस्सा लेंगे. सरकारी कार्यक्रम के बाद स्कोल्ज गोवा जाएंगे और वहां से वापस जर्मनी के लिए उड़ान भरेंगे. जर्मनी उम्मीद कर रहा है कि भारत के बड़े बाजार में पकड़ बनाई जाए और चीन पर निर्भरता को कम किया जा सके.
दरअसल, जर्मनी उम्मीद कर रहा है कि भारत में मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाया जाए, जिससे चीन पर निर्भरता कम हो सके. यही वजह है कि बड़ी संख्या में जर्मन कंपनियां भारत की तरफ रुख कर रही हैं और उम्मीद भरी निगाहों से देख रही हैं. आने वाले दिनों में यह संख्या बढ़ सकती है. जर्मन कंपनियों से अगले 6 साल में 4.5 लाख करोड़ निवेश भारत की संभावना जताई जा रही है. यह आंकड़ा अभी से दोगुना है. जानकारों का कहना है कि अगर जर्मनी से बड़ी डील होती है तो मतलब साफ है कि अमेरिका-ब्रिटेन से भी ज्यादा ये देश भारत के काम आ सकता है.
क्यों चीन से निर्भरता कम करना चाहता है जर्मनी?
चांसलर ओलाफ स्कोल्ज का ये दौरा ऐसे वक्त पर हो रहा है जब जर्मनी की निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था लगातार दूसरे साल मंदी के दौर से गुजर रही है. इसके साथ ही यूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापार विवाद को लेकर चिंताएं हैं, जो जर्मन कंपनियों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे पहले 2022 में यूक्रेन युद्ध की वजह से जर्मनी को बड़ा झटका लगा था. चूंकि रूस की सस्ती गैस पर जर्मनी की अत्यधिक निर्भरता बढ़ गई थी. उसके बाद जर्मनी ने डि-रिस्किंग की पॉलिसी अपनाई. अब जर्मनी, चीन पर भी अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, चीन अब भी जर्मनी का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है.
क्या होता है IGC?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज भारत दौरे पर पहुंच रहे हैं. वे यहां 7वें अंतर सरकारी परामर्श (IGC) के लिए 24-26 अक्टूबर तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे. 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर स्कोल्ज 7वें अंतर सरकारी परामर्श में हिस्सा लेंगे. IGC में चांसलर स्कोल्ज के साथ उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल होंगे. IGC एक ऐसा सरकारी ढांचा है, जिसके तहत दोनों देशों के मंत्री अपने-अपने विभाग के कामकाज पर चर्चा करते हैं और अपने विचार-विमर्श के नतीजों पर प्रधानमंत्री और चांसलर को रिपोर्ट करते हैं.

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