
'चंद्रशेखर से बढ़कर कोई दूसरा...', बिहार के नेताओं ने की पूर्व PM को भारत रत्न देने की मांग
AajTak
चंद्रशेखर, भारत के आठवें प्रधानमंत्री थे. वो ऐसे पहले प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने कोई सरकारी पद नहीं संभाला था. वे देश के जाने-माने तेजतर्रार छात्र नेता और समाजवादी नेता थे.
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर (Chandrashekhar) की पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कई राजनेताओं ने हिस्सा लिया और इस दौरान चंद्रशेखर को भारत रत्न देने की मांग की गईय. बिहार के शिवहर से सांसद लवली आनंद, उनके पति और पूर्व सांसद आनंद मोहन, उनके विधायक बेटे चेतन आनंद, बिहार के पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता मेजर (सेवानिवृत्त) डॉ हिमांशु सोम और कई अन्य राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ये मांग दोहराई. कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सरकार से चंद्रशेखर की विरासत को सम्मान देने की गुजारिश की.
आनंद मोहन ने कहा, "चंद्रशेखर से बढ़कर कोई दूसरा समाजवादी आइकन नहीं है. चंद्रशेखर के तत्कालीन मुख्यालय नरेंद्र निकेतन का पुनर्निर्माण उनकी याद में होना चाहिए. इसके साथ ही, समाजवाद के आदर्श और भारतीय राजनीति में गरीबों के सबसे बड़े नेता को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए."
जल्द शुरू होगा हस्ताक्षर अभियान
इस मांग के लिए प्रधानमंत्री को पत्र और हस्ताक्षर अभियान जल्द ही शुरू होगा. इसके अलावा कई और भी सांसदों-विधायकों के भी इस मांग में शामिल होने की संभावना है. सामाजिक कार्यकर्ता और चंद्रशेखर के अपने संगठन के संयोजक मेजर (सेवानिवृत्त) डॉ. हिमांशु सोम ने कहा, "समाजवादी प्रकाश स्तंभ चंद्रशेखर भारत में वैचारिक राजनीति के अंतिम महान नेता रहे हैं."
अब वक्त आ गया है कि धरतीपुत्र को भारत रत्न दिया जाए. इसके अलावा हर साल 8 जुलाई को हजारों लोगों के साथ एक प्रोग्राम किया जाना चाहिए.
यह भी पढ़ें: पूर्व PM चंद्रशेखर के सलाहकार, नीतीश के करीबी, जानिए कौन हैं हरिवंश?

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








