
घर के मंदिर में ये 3 चीजें रखना बेहद अशुभ, आज ही सुधार लें गलती
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कोई भी घर मंदिर के बिना अधूरा माना जाता है. ईश्वर की साधना के लिए घर में इस स्थान को जरूरी समझा जाता है. ज्योतिषविद श्रीपति त्रिपाठी कहते हैं कि घर के मंदिर में भूलकर भी तीन चीचें नहीं रखनी चाहिए.
भारतीय परंपरा के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति घर बनाता है तो उसमें मंदिर के लिए अलग से जगह छोड़ी जाती है. कोई भी घर मंदिर के बिना अधूरा माना जाता है. ईश्वर की साधना के लिए घर में इस स्थान को जरूरी समझा जाता है. ज्योतिषविद श्रीपति त्रिपाठी कहते हैं कि घर के मंदिर में भूलकर भी तीन चीचें नहीं रखनी चाहिए.
1. सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, घर के मंदिर में कभी भी खंडित मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. ऐसा करना ईश्वर का अपमान माना जाता है. मंदिर में खंडित मूर्ति रहने से घर में अशुभता का प्रभाव बढ़ता है. घर के मंदिर में अगर खंडित मूर्ति हो तो उसे तुरंत नदी, तालाब या नहर में विसर्जित कर देना चाहिए.
2. मंदिर में कभी भी भगवान के रौद्र रूप वाली प्रतिमाएं नहीं रखनी चाहिए. सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भगवान के रौद्र रूप वाली मूर्तियां रखने का अर्थ होता है कि देवी-देवता स्वयं उस घर पर अपना क्रोध व्यक्त कर रहे हैं. देवी-देवताओं की हमेशा शांत, प्रसन्न मुद्रा और आशीर्वाद देने वाली प्रतिमा ही रखनी चाहिए.
3. घर में एक से अधिक देवी-देवता की तस्वीर नहीं रखनी चाहिए. ऐसा माना जाता है कि मंदिर में एक से अधिक तस्वीरों या मूर्तियों के रहने से घर का वातावरण खराब होने लगता है. घर की सुख-समृद्धि के लिए केवल एक ही भगवान की प्रतिमा रखें.

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