
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पंछियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश, राजस्थान और गुजरात सरकार तेजी से करे ये काम
AajTak
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पक्षियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आदेश पर संशोधन की मांग की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग को लेकर केंद्र सरकार की ओर से याचिका दाखिल की गई है.
विलुप्त प्रजाति के ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पक्षियों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जारी आदेश में संशोधन की मांग वाली याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और गुजरात राज्य सरकारों को हाई वोल्टेज ओवरहेड लाइनों को अंडर ग्राउंडिंग किए जाने के मुद्दे पर ज्यादा गंभीरता और तेजी से काम करने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले निर्देशों के अनुपालन के लिए राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा है.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पक्षियों के संरक्षण और सुरक्षा को देखते हुए ओवरहेड लाइन के तारों को अंडर-ग्राउंडिंग किए जाने की सम्भावनाओं की जांच पड़ताल के लिए, पिछले साल गठित उच्च स्तरीय समिति को भी अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिया था ये निर्देश
पिछली सुनवाई में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि राजस्थान और गुजरात में पक्षियों के आवास के साथ-साथ जहां भी संभव हो जमीन के ऊपर ओवरहेड बिजली लाइनों को जमीन के अंदर ही रखा जाए.
सुप्रीम कोर्ट के ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पक्षियों के रहने वाले स्थानों के आसपास खासकर वेटलैंड और घनी ऊंची झाड़ियों वाले स्थानों के सभी ट्रांसमिशन केबलों को भूमिगत रखने के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
ये भी पढ़ें

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









