
गोवा, केरल और महाराष्ट्र... देश के तीन राज्यों में फैला कोरोना का सब वैरिएंट JN.1, सामने आए 21 केस
AajTak
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही सब वैरिएंट JN.1 पिछले कुछ हफ्तों में सबसे तेजी से फैलने वाले वायरस में से एक बन गया है. देश भर में कोविड के बढ़ रहे मामलों के बीच, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. कोरोना के नए सब वेरिएंट JN.1 के बारे में सामने आया है कि इसका सबसे पहला केस अगस्त में लक्जमबर्ग में पाया गया. इसके बाद यह धीरे-धीरे 36 से 40 देशों में फैल गया.
देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. कोविड-19 के सब-वेरिएंट JN.1 के अब तक 21 मामले सामने आ चुके हैं. गोवा, केरल और महाराष्ट्र में नए कोरोना वायरस वैरिएंट के मामले सामने आए हैं. जबकि गोवा में अब तक इस सब वैरिएंट के अकेले 19 मामले सामने आ चुके हैं. केरल और महाराष्ट्र में एक-एक मामले का पता चला है. सतर्कता के लिए तैयारी बढ़ाने के निर्देश कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का ही सब वैरिएंट JN.1 पिछले कुछ हफ्तों में सबसे तेजी से फैलने वाले वायरस में से एक बन गया है. देश भर में कोविड के बढ़ रहे मामलों के बीच, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने बुधवार को कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. पॉल ने कहा कि भारत में वैज्ञानिक नए वैरिएंट पर कड़ी नजर रख रहे हैं. हालाँकि, वीके पॉल ने राज्यों को कोविड की तैयारी बढ़ाने, परीक्षण बढ़ाने और अपनी निगरानी प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
इस बीच, केंद्र ने देश भर में कोविड के मामले बढ़ने के कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने को कहा है. सलाह में राज्यों को नियमित आधार पर सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में जिलेवार इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी और गंभीर तेज फैलने वाली सांस की बीमारी के मामलों की निगरानी करने और उनकी रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है.
अगस्त में लक्जमबर्ग में पाया गया था पहला केस कोरोना के नए सब वेरिएंट JN.1 के बारे में सामने आया है कि इसका सबसे पहला केस अगस्त में लक्जमबर्ग में पाया गया. इसके बाद यह धीरे-धीरे 36 से 40 देशों में फैल गया. WHO ने इसे वैरीअंट ऑफ इंटरेस्ट कहा है. कोविड के चलते बीते दो हफ्ते में देश के अंदर 16 मौते हुई हैं. इन लोगों को पहले से कई गंभीर बीमारी थीं. यानी ये लोग को कोमोरबिडिटीज से पीड़ित थे. हाल ही में 15 दिसंबर को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई थी. वह भी दूसरी कई बीमारियों से पीड़ित था. इस रोगी का सैंपल इकट्ठा कर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है.
614 नए केस आए, केरल में 3 की मौत भारत में बीते दिन कोरोना संक्रमण के 614 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो 21 मई के बाद से सबसे ज्यादा हैं. बुधवार को अपडेट किए गए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के एक्टिव केस बढ़कर 2,311 हो गए हैं. 24 घंटे के दौरान केरल में तीन लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद देश में कोविड से मरने वालों की संख्या 5 लाख 33 हजार 321 हो गई है. अब तक भारत में कोरोना के 4.50 करोड़ केस सामने आ चुके हैं.
तेजी से फैलता है कोरोना का नया स्ट्रेन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 स्ट्रेन के बारे में बताया है कि जांच में सामने आया है कि दूसरे वैरिएंट की तुलना में अधिक आसानी से फैलता है. जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक वायरोलॉजिस्ट एंड्रयू पेकोज ने कहा है कि जेएन.1 अधिक जोखिम पैदा नहीं करता है. JN.1 को पहले इसके मूल वंश BA.2.86 के हिस्से के रूप में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन WHO ने अब इसे अलग प्रकार के तौर पर वर्गीकृत किया है. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि मौजूदा टीके जेएन.1 और कोविड-19 वायरस के दूसरी वेरिएंट से होने वाली गंभीर बीमारी और मौत की रोकथाम जारी रखेंगे

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.







