
गोवा अग्निकांड: लूथरा ब्रदर्स की तबियत बिगड़ी, कोर्ट ने दोबारा मेडिकल जांच का दिया आदेश
AajTak
गोवा अग्निकांड में आरोपी बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के मालिक गौरव और सौरभ लूथरा की तबियत को लेकर कोर्ट में अहम घटनाक्रम सामने आया है. सीने और पीठ दर्द की शिकायत के बाद कोर्ट ने पुलिस को दोनों का दोबारा मेडिकल कराने का आदेश दिया है. मेडिकल के बाद ही रिमांड पर फैसला होगा.
गोवा के बहुचर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में गिरफ्तार गौरव और सौरभ लूथरा की तबियत खराब होने की जानकारी कोर्ट को दी गई है. सुनवाई के दौरान लूथरा ब्रदर्स से यह भी पूछा गया कि क्या उन्हें पुलिस से कोई शिकायत है, जिस पर दोनों ने साफ तौर पर इनकार किया. कोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि आरोपियों को उनके प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार दवाइयां लेने दी जाएं.
कोर्ट ने पुलिस से कहा कि लूथरा ब्रदर्स का दोबारा मेडिकल कराया जाए, क्योंकि उनमें से कुछ ने सीने और पीठ में दर्द की शिकायत की है. मेडिकल जांच पूरी होने के बाद ही दोनों को दोबारा कोर्ट में पेश कर रिमांड की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. इससे पहले बुधवार को दोनों को नॉर्थ गोवा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मेडिकल जांच के बाद अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया गया था.
उनका हेल्थ चेक-अप एक घंटे से ज्यादा समय तक चला. लूथरा ब्रदर्स को 6 दिसंबर को नाइटक्लब में लगी भीषण आग की घटना के सिलसिले में थाईलैंड से डिपोर्ट किए जाने के बाद दिल्ली से गोवा लाया गया है. इस भयंकर हादसे में 25 लोगों की मौत हुई थी. गोवा पुलिस ने बताया कि अरपोरा इलाके में स्थित नाइटक्लब में लगी आग के मामले में उनसे विस्तार से पूछताछ की जाएगी.
गोवा पुलिस की टीम सुबह 10.45 बजे नॉर्थ गोवा के मोपा स्थित मनोहर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लूथरा ब्रदर्स के साथ पहुंची. एयरपोर्ट से पहले उन्हें सिओलिम के एक प्राइमरी हेल्थ सेंटर और फिर मापुसा के डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले जाया गया. मेडिकल के बाद दोनों को करीब 10 किलोमीटर दूर अंजुना पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया. इस दौरान छह पुलिस जीपों का काफिला साथ था.
चश्मदीदों के मुताबिक, दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ियों में बैठाया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को रेगुलर रिमांड के लिए मापुसा की कोर्ट में भी पेश किया गया. अंजुना पुलिस ने इस मामले में लूथरा ब्रदर्स के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है. दोनों आग लगने के बाद 7 दिसंबर की सुबह थाईलैंड के फुकेट भाग गए थे.

महायुद्ध के 19 दिन हो चुके हैं. मैं इस वक्त इजरायल के तेल अवीव में हूं. आज की रात महायुद्ध में बहुत गंभीर हो सकती है. क्योंकि महायुद्ध अब बेकाबू होने के मोड़ पर पहुंच सकता है. हमारा मकसद डराना नहीं है. ध्यान से इस बात को कहने की वजह समझिएगा. अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान की जंग में एक दूसरे पर ताबड़तोड़ वार-पलटवार हो रहे हैं. ताजा खबर ये है कि इजरायल ने ईरान की सबसे बड़े गैस ठिकाने पर हमला किया है. इजरायल ने ये हमला अमेरिका की मदद से किया है. जो दक्षिण पश्चिम ईरान में है.

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की NSA अजित डोभाल संग बैठक, डिफेंस-इंटेलिजेंस समेत कई मुद्दों पर हुई बात
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ बैठक की, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने डिफेंस, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी में साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया.

ईरान अपने सुरक्षा प्रमुख की मौत के शोक में डूबा हुआ है और इंतकाम की कसमें खा रहा है. उधर इजरायल और अमेरिका इस उम्मीद में हैं कि उसने ईरान के तमाम बड़े नेता, कमांडर और प्रमुख मार दिए हैं, तो अब ईरान सरेंडर करेगा. लेकिन ईरान सरेंडर के मोड में नहीं है. इस बीच दुनिया हैरान है कि जब इजरायल और अमेरिका इतने हमले कर रहा है तो ईरान के सुरक्षा प्रमुख खुद को सुरक्षित क्यों नहीं रख पाए. इजरायल ने कैसे अली लारीजानी को मारा.

जैसे जैसे अमेरिका, इजरायल और ईरान का युद्ध आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल ईरान को निशाना बना रहे हैं उनके शहरों में धमाके कर रहे हैं. दूसरी ओर ईरान भी पलटवार कर रहा है. लेकिन आज सुबह इजरायली हमले के बाद बेरूत का रिहायशी इलाका कब्रगाह में बदल गया और चीख पुकार मचने लगी, इजरायल ने बेरूत में 22 मंजिला इमारत को निशाना बनाया गया.

दिल्ली-एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम अचानक बदल गया है. ठंडी हवाएं, बादल और हल्की बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया है. गुरुवार और शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी है. तापमान 27 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है और 21 मार्च के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा.

16 मार्च को वाराणसी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी मनाना कुछ मुस्लिम युवकों को महंगा पड़ गया. बीजेपी और हिंदूवादी संगठन का आरोप है कि, इन लोगों ने रोजा इफ्तार पार्टी करने के बाद गंगा नदी में बिरयानी और हड्डियां फेंक दीं. जैसे ही स्थानीय बीजेपी नेता की ओर से इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, पुलिस हरकत में आई और आनन फानन में 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. अब संत समाज और बीजेपी इसे हिंदुओं के खिलाफ सोची समझी साजिश करार दे रहे हैं तो विपक्ष पूछ रहा है कि, गंगा में इफ्तार पार्टी करने से कौन सा कानून तोड़ा गया जो पुलिस ने इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया. सवाल है कि, ये कौन लोग हैं जिन्हें यूपी की अमन शांति रास नहीं आ रही.

जेडीयू नेता केसी त्यागी ने पार्टी की सदस्यता का नवीनीकरण न कराकर अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट कर दिया है. उनके इस कदम को बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व परिवर्तन की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है. साथ ही, पार्टी के भीतर नई पीढ़ी के उभार और पुराने नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं.






