
गैस नहीं मिली... शादी के रिसेप्शन से एक रात पहले बदला मेन्यू, 1500 मेहमानों के लिए लकड़ी की भट्टी पर बने 'दाल-बाफले'
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इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सात समंदर पार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की शादियों में भी नजर आने लगा है. गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के बीच भोपाल में एक दूल्हा-दुल्हन ने अपने रिसेप्शन का पूरा मेन्यू ही बदल दिया. आधुनिक डिशेज की जगह मेहमानों को लकड़ी की भट्टी पर बने पारंपरिक दाल-बाफले परोसे गए.
इजरायल-ईरान युद्ध के कारण पैदा हुए वैश्विक हालात का असर राजधानी भोपाल की रसोई गैस सप्लाई पर भी पड़ा है. गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से फूलमाली समाज के रोहित माली के रिसेप्शन में अंतिम समय पर खाने का पूरा मेन्यू बदलना पड़ा.
दरअसल, भोपाल के ईटखेड़ी स्थित स्वयंवर मैरिज गार्डन में आयोजित एक विवाह समारोह इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. दूल्हे रोहित माली ने बताया कि रिसेप्शन के लिए 18 से 20 तरह के अलग-अलग व्यंजन तैयार करने की योजना थी.
इसके लिए करीब 18-20 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की जरूरत थी. लेकिन जब रिसेप्शन के एक दिन पहले तक सिलेंडर का इंतजाम नहीं हो पाया, तो परिवार और हलवाई के बीच हड़कंप मच गया.
रातो-रात लिया दाल-बाफले का फैसला गैस न मिलने की स्थिति में रिसेप्शन से ठीक एक दिन पहले सारा आधुनिक मेन्यू कैंसिल कर दिया गया. 1200 से 1500 मेहमानों के खाने के लिए ऐसे व्यंजन का चुनाव किया गया, जिसे बिना गैस यानी लकड़ी की भट्टी पर बनाया जा सके. रातों-रात दाल-बाफले और लड्डू बनाने के लिए लकड़ी और सामग्री का इंतजाम किया गया. देखें VIDEO:-
लकड़ी की भट्टी पर तैयार हुई 'देसी' दावत मैरिज गार्डन में गैस चूल्हों की जगह लकड़ी की भट्टियां धधकाई गईं. मेहमानों के लिए तैयार किए गए दाल-बाफले का स्वाद लोगों को खूब पसंद आया, लेकिन यह बदलाव प्रशासन और सरकार के लिए भी एक संकेत है कि ईंधन की किल्लत किस हद तक आम आदमी के खास आयोजनों को प्रभावित कर रही है.

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